कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए चंडीगढ़ जेल प्रशासन ने भी सख्ती बढ़ा दी है। कैदियों से मिलने आने वाले उनके परिजनों और रिश्तेदारों पर रोक लगा दी गई है। किसी को भी कैदियों से मिलने की अनुमति नहीं है। कैदियों की परिजनों से वीडियो कॉलिंग से बात करवाई जा रही है।
हर हफ्ते अलग-अलग कैदियों का रोस्टर तैयार किया गया है, जिसके अनुसार कैदियों की वीडियो कॉलिंग से बात करवाई जा रही है। जेल अधिकारियों के मुताबिक, जब तक कोरोना खत्म नहीं होता किसी को भी किसी कैदी से मिलने की इजाजत नहीं है।
बुड़ैल स्मार्ट जेल में हत्या, चोरी, हत्या के प्रयास, झपटमारी, रंगदारी, डकैती समेत अलग-अलग मामलों में 937 कैदी बंद हैं, जबकि इनमें 46 महिला कैदी हैं। जेल प्रशासन ने डॉक्टरों की टीम को अलर्ट कर दिया है। डॉक्टरों की टीम कैदियों को लेक्चर के माध्यम से कोराना वायरस से बचने के तरीके बता रही है। कोरोना को देखते हुए अलग-अलग बैरक में 8 से 10 कैदियों को रखा गया है। सुविधा के अनुसार इन बैरकों से कैदियों को कम किया जा रहा है। इसके अलावा मास्क, सैनिटाइजर का प्रबंध किया गया है। वहीं, पिछले साल लॉकडाउन व कर्फ्यू के बाद से 190 कैदियों को पैरोल पर छोड़ा गया था, जिनमें से दो कैदी फरार चल रहे हैं।
45 वर्ष के 131 कैदियों को लगेगा टीका
जेल अधिकारियों के अनुसार, कैदियों के टीकाकरण की सूची बनाई गई है। इसमें 10 महिला समेत 131 कैदियों की उम्र 45 साल के ऊपर है। अगले हफ्ते जेल में शिविर लगवाकर टीकाकरण किया जाएगा, जबकि अन्य कैदियों का टीकाकरण बाद में होगा।
214 जवानों को लगा टीका
बुड़ैल जेल में अधिकारियों समेत 231 पुलिस जवान हैं। इनमें से अधिकारियों समेत 214 जवानों का टीकाकरण हो चुका है, जबकि 15 ऐसे पुलिसकर्मी हैं, जिन्हें या तो कोई बीमारी से संबंधित एलर्जी है या फिर वह छुट्टियों पर चल रहे हैं। जेल प्रशासन का मानना है कि जल्द ही बाकी जवानों का भी टीकाकरण हो जाएगा।
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। कैदियों के परिजनों से मिलने पर रोक लगा दी गई है। सिर्फ वीडियो कॉलिंग से बात करवाई जा रही है। जेल में समय-समय पर सैनिटाइजेशन का खास ख्याल रखा जा रहा है। -विराट, एआईजी, बुड़ैल जेल चंडीगढ़