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चंडीगढ़ पहला यूटी, 6 साल पहले ही लग चुका है जबरन सर्विस चार्ज पर प्रतिबंध

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चंडीगढ़। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (सीसीपीए) ने सोमवार को स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी रेस्त्रां अपने उपभोक्ताओं को सेवा देने के बदले जबरन सर्विस चार्ज नहीं वसूल सकता। सिटी ब्यूटीफुल पहला शहर है, जहां 6 साल पहले ही इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। हालांकि जागरूकता की कमी से लोग सर्विस चार्ज देने को मजबूर हैं।
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यूटी प्रशासन की तरफ से वर्ष 2016 में स्पष्ट किया गया था कि किसी भी रेस्त्रां में खाने-पीने के बिल के साथ अगर ग्राहक से सर्विस चार्ज मांगा जाता है तो यह ग्राहक की मर्जी पर है कि वह सर्विस चार्ज अदा करे या नहीं। कोई भी रेस्टोरेंट जबरन सर्विस चार्ज नहीं वसूल सकता।
जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद के पूर्व सदस्य अजय जग्गा ने उपभोक्ता मामलों के सचिव विनोद पी. कावले को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि है अब केंद्र ने भी मान लिया है कि सर्विस चार्ज देना या नहीं देना, ग्राहक के ऊपर है। यदि कोई रेस्टोरेंट चालक ग्राहक को सर्विस चार्ज बिल में जोड़ कर दे रहा है और ग्राहक इसका विरोध करता है तो उसे सर्विस चार्ज बिल से हटाना होगा। जबरन वसूली गैरकानूनी है और इस पर कार्रवाई भी की जाएगी।
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जग्गा ने कहा कि एक बार फिर दिशा-निर्देश जारी करने की जरूरत है कि रेस्त्रां सर्विस चार्ज को अनिवार्य न करें, किसी अन्य शुल्क की आड़ में बिल में सर्विस चार्ज न जोड़ा जाए। उपभोक्ताओं को यह बताया जाए कि सर्विस चार्ज देना वैकल्पिक और स्वैच्छिक है। लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।
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