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व्यापारी ध्यान दें, इंडस्ट्रियल पॉलिसी का खुलेगा पिटारा

Wed, 01 Jul 2015 10:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
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लंबे अरसे से उद्योगपति यूटी की अपनी इंडस्ट्रियल पॉलिसी की डिमांड कर रहे थे। वर्ष-2009 में इस पर कवायद भी शुरू हुई, लेकिन सिरे नहीं चढ़ सकी।
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उस वक्त प्रशासन और उद्योगपतियों में कई मुद्दों पर एक राय नहीं बन सकी, लेकिन अब इंडस्ट्रियल पॉलिसी का पिटारा बुधवार को खुलने जा रहा है। यूटी के प्रशासक और पंजाब-हरियाणा के गवर्नर कप्तान सिंह सोलंकी बुधवार को यूटी गेस्ट हाउस में इसकी घोषणा करेंगे।

इसे लेकर उद्योगपतियों में मंगलवार को दिनभर हलचल रही। इंडस्ट्रियल पॉलिसी में प्रशासन का जोर जहां इंडस्ट्रियल एरिया में आईटी सेवाओं को बढ़ाने पर है, वहीं उद्योगपतियों की डिमांड लीज होल्ड प्रापर्टी को फ्री होल्ड करने की है।
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यूटी के पिछले प्रशासक शिवराज पाटिल ने अपना कार्यकाल समाप्त होने से पहले इंडस्ट्रियल एरिया की लीज होल्ड प्रापर्टी को फ्री होल्ड नहीं करने का सुझाव दिया था। इसलिए प्रशासन ने लीज होल्ड प्रापर्टी को लीज पर ही ट्रांसफर करने के संकेत दिए हैं।

वहीं, इंडस्ट्रियल एरिया में वेयर हाउस, वर्कशॉप, प्रापर्टी में अंदरूनी बदलाव की अनुमति, खाली प्लाटों का आवंटन आदि मुद्दों पर प्रशासन बड़ी राहत दे सकता है। इससे उद्योग जगत को काफी हद तक राहत की उम्मीद है।

इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 में औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से उनके लिए कई प्रस्ताव आएंगे। हालांकि, प्रशासन इसके लिए खास गाइड लाइन बनाएगा, जिससे इन औद्योगिक इकाइयों के आने से शहर में प्रदूषण न बढ़े। इसके अलावा उद्योग जगत से जुड़ी समस्याओं के निपटारे के लिए सिंगल विंडो सिस्टम भी शुरू किया जा सकता है।

प्रशासन से काफी अरसे से इंडस्ट्री से जुड़ी मांगें पूरी कराने के लिए संघर्ष किया जा रहा था। इंडस्ट्रियल पॉलिसी आने से उद्योग जगत को राहत मिलने की उम्मीद है। बुधवार को पॉलिसी आने के बाद सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।
-एमपीएस चावला, चेयरमैन, चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एसोसिएशन

इंडस्ट्रियल पॉलिसी का उद्योग जगत अरसे से इंतजार कर रहा था। पॉलिसी की घोषणा होने के बाद ही पता चलेगा कि प्रशासन ने उद्योगपतियों को राहत दी है या नहीं। प्रशासन स्तर पर हुई पिछली वार्ता में पॉजिटिव रिस्पांस मिला था।  -चंदर वर्मा, चेयरमैन, कनवर्टेड प्लॉट एसोसिएशन
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चंडीगढ़ की पहली इंडस्ट्रियल पॉलिसी उद्योगों को स्थापित करने में मदद करेगी। प्रशासन ने उद्योगपतियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए इस संबंध में जल्द फैसला लिया है। हम इसका स्वागत करते हैं।
- संजय टंडन, चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष, बीजेपी

उद्योगपतियों की डिमांड
- लीज होल्ड प्रापर्टी को फ्री होल्ड किया जाए
- जीपीए (जनरल पावर अटार्नी) से ट्रांसफर प्रापर्टी में अंदरूनी बदलाव की अनुमति
- खाली पड़े प्लाट आवंटित किए जाएं
- इंडस्ट्रियल एरिया में एमएसएमई के तहत होने वाली एक्टिविटी शुरू की जाए
- पार्किंग एरिया उपलब्ध कराए जाएं
- इंडस्ट्रियल एरिया में अगर आईटी सेक्टर को अनुमति दी जाती है तो उससे कनवर्टेड प्लाट मालिकों को नुकसान न हो, इसका ध्यान रखा जाए
- 500 रुपये स्क्वायर फुट की दर से लगने वाली पेनल्टी बंद हो
- इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, फेज-2 को चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल और बिजनेस पार्क का नाम दिया जाए
- इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 को लेकर विकल्प तलाशे जाएं
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