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इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मिलेगी तीन हजार से दो लाख तक की प्रोत्साहन राशि

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चंडीगढ़। शहर में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए यूटी इलेक्ट्रिक वाहन नीति की घोषणा कर दी गई है। ई-वाहन खरीदने पर लोगों को तीन हजार से लेकर दो लाख तक की प्रोत्साहन राशि (इंसेेंटिव) मिलेगी। हर सेक्टर में चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। मसौदे में इनके अलावा और भी कई महत्वपूर्ण बातें हैं। वीरवार को प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने ईवी नीति के मसौदे को मंजूरी दे दी। इसके बाद चंडीगढ़ रिन्यूअल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) की तरफ से मसौदा जारी कर लोगों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
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प्रशासन के अनुसार, 30 दिन के अंदर सभी हितधारक व लोग अपनी आपत्तियां व सुझाव दे सकते हैं। ईवी नीति का मसौदा https://solar.chd.gov.in/ और https://chandigarh.gov.in/ पर ऑनलाइन उपलब्ध हैै। नीति के अंदर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों के लिए कई तरह के प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है, जिसमें ई-साइकिल, ई-टू व्हीलर, ई-कार्ट, ई-ऑटो और ई-फोर व्हीलर शामिल हैं। केंद्र सरकार की तरफ से फेम-2 स्कीम से भी अधिक प्रोत्साहन राशि शहर में दी जा रही है और ये केवल चंडीगढ़ में पंजीकृत होने वाले वाहनों को ही मिलेगी।
नीति के तहत पहले पांच वर्ष में पंजीकृत होने वाले वाहनों को एक विशेष प्रोत्साहन राशि भी दिया जाएगा। इस नीति से चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या भी बढ़ेगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ड्राफ्ट को लेकर किसी भी तरह के सुझाव सेक्टर-19 स्थित पर्यावरण भवन में क्रेस्ट के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के संज्ञान में भी लाए जा सकते हैं या सीईओ क्रेस्ट के नाम पर्यावरण भवन (पहली मंजिल), सेक्टर 19-बी, चंडीगढ़ के पते पर डाक से भेज सकते हैं या crestchandigarh@gmail.com पर ई-मेल भी कर सकते हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि पांच साल के अंदर 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों की ही खरीद हो।
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निजी वाहनों पर अधिकतम डेढ़ लाख तक की प्रोत्साहन राशि
चंडीगढ़ प्रशासन इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर वाहन मालिक को प्रोत्साहन राशि देगा। अभी तक इलेक्ट्रिक वाहन पर प्रोत्साहन राशि देने की अधिकतम सीमा 75 हजार रुपये थी, इसे बढ़ाकर अब डेढ़ लाख रुपये किया जा रहा है। वहीं कॉमर्शियल वाहनों पर अधिकतम प्रोत्साहन राशि दो लाख रुपये का भी प्रावधान है, जो फेम-2 स्कीम से भी अधिक है। प्रशासन ने अपील की है कि निजी वाहन चालक डीजल व पेट्रोल की गाड़ियों को छोड़ इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं। हाल ही में केंद्र सरकार ने परिवहन के डीकार्बोनाइजेशन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाने से इलेक्ट्रिक भविष्य की ओर बदलाव में तेजी लाने के लिए कई पहल की है।
ऐसे मिलेगी प्रोत्साहन राशि
ई-साइकिल : प्रोत्साहन राशि तीन हजार
दोपहिया वाहन : प्रोत्साहन राशि पांच हजार, अधिकतम सीमा 30 हजार
चारपहिया वाहन : प्रोत्साहन राशि की अधिकतम सीमा डेढ़ लाख
तिपहिया वाहन : ई-रिक्शा, ई-कार्ट, ई-ऑटो को अधिकतम 30 हजार रुपये तक की छूट
हर सेक्टर में होगा चार्जिंग स्टेशन
नीति के अनुसार, प्रत्येक सेक्टर में एक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा। पॉलिसी अवधि के पहले दो वर्षों में चंडीगढ़ में 100 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। फेम स्कीम के फेज-1 के तहत 48 चार्जिंग स्टेशन पहले ही चंडीगढ़ में इंस्टॉल किए जा चुके हैं। पार्किंग में यह चार्जिंग प्वाइंट बनाए जा रहे हैं। कई जगह सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं, इनकी सोलर एनर्जी से वाहन चार्ज होंगे। सेक्टर-42 न्यू लेक पर 800 किलोवाट का सोलर प्रोजेक्ट लगाया जा रहा है। इसके अलावा सभी नए आवासीय और गैर-आवासीय भवन मालिकों को अपने परिसरों में निजी चार्जिंग प्वाइंट (पीसीपी) स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
यूटी इलेक्ट्रिक वाहन सलाहकार समिति का भी होगा गठन
इलेक्ट्रिक वाहन को बढ़ावा देने के लिए यूटी इलेक्ट्रिक वाहन सलाहकार समिति का भी गठन किया जाएगा। इसमें सलाहकार अध्यक्ष, क्रेस्ट के सीईओ सदस्य सचिव होंगे। इनके अलावा गृह सचिव, वित्त सचिव, परिवहन सचिव, विद्युत सचिव, एस्टेट सचिव, डीसी और क्रेस्ट के एसीओ सदस्य होंगे। समिति हर 6 महीने में कम से कम एक बार बैठक करेगी और इलेक्ट्रिक वाहन नीति के कार्यान्वयन और प्रभावशीलता की समीक्षा करेगी।
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