चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) अब विभिन्न सेक्टरों में खाली पड़े बूथों को किराए पर दे सकता है। सीएचबी के 143 बूथ खाली पड़े हैं और इन बूथों के लिए सीएचबी को लंबे समय से खरीददार नहीं मिल रहे हैं।
सालों से इन बूथों के खाली होने के कारण सीएचबी को नुकसान भी हो रहा था और इन सेक्टरों के लोगों को भी दिक्कत आ रही थी। यही वजह है कि सीएचबी इन 143 बूथों को किराए पर देने की योजना बना रहा है।
सीएचबी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की अगली बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव लाया जाएगा। अगर बैठक में इस प्रस्ताव को पारित कर दिया गया तो सीएचबी इन बूथों का किराया तय कर उनके लिए आवेदन आमंत्रित करेगा।
सीएचबी ने फरवरी, 2014 में 145 बूथों की नीलामी कराने का प्रयास कि या था। तीन दिनों तक नीलामी की प्रक्रिया चली थी, लेकिन सिर्फ दो बूथ ही नीलाम हो पाए थे।
इससे यह स्पष्ट हो गया था कि शहर में लीज होल्ड कामर्शियल प्रापर्टी के खरीददार नहीं हैं। नीलामी के पहले दिन ही सीएचबी को दो बूथों के खरीददार मिले थे और बाकी के दो दिन सीएचबी के अधिकारी खरीददारों का इंतजार करते रहे थे।
सीएचबी के इन बूथों के लिए खरीददार न मिलने का कारण यह है कि बोली में बूथ लेने वालों को हर साल ढाई परसेंट की दर से ग्राउंड रेंट भी देना होता है।
यह ग्राउंड रेंट 33 साल बाद बढ़कर पौने चार परसेंट प्रति वर्ष और 66 साल बाद अगले 33 साल के लिए पांच परसेंट हो जाता है। अगर सीएचबी इन बूथों को फ्री होल्ड कर देता है तो बूथ नीलाम हो सकते हैं।
सीएचबी ने दिसंबर 2009 में भी इन बूथों की नीलामी की कोशिश की थी, लेकिन एक भी बूथ नीलाम नहीं हो सका था। सेक्टर-38 वेस्ट में 30.31 स्क्वायर यार्ड के बूथ का रिजर्व प्राइस 33.28 लाख था जबकि सेक्टर-49 बी में 24.292 स्क्वायर यार्ड बूथ का रिजर्व प्राइस 35.10 लाख रुपये था।
इसके बाद 2012 में सीएचबी ने बूथों की नीलामी करने की जगह बिडर्स से सीलबंद लिफाफे में इन बूथों के लिए बिड आमंत्रित की। बोर्ड को इन 145 बूथों के लिए कुल 30 सीलबंद बिड ही मिले थे और इसमें भी सफलता नहीं मिल सकी थी।
सीएचबी के 70 बूथ मनीमाजरा में खाली हैं जबकि 24 बूथ सेक्टर-51 ए और 8 बूथ सेक्टर-49 बी में खाली हैं। कजहेड़ी, सेक्टर-40 ए और सेक्टर-38 वेस्ट में भी सीएचबी के बूथ खाली पड़े हैं।