चंडीगढ़। विदेश में हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी रोकने के प्रयास लगातार विफल हो रहे हैं। अब 28 नवंबर को पेरिस में हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी होने जा रही है। इस संबंध में एडवोकेट अजय जग्गा ने फ्रांस से शहर पहुंची टीम में शामिल न्यायिक पुलिस अधिकारी नैथली से मिलकर इस मामले की शिकायत दी।
जग्गा ने कहा है कि इन फर्नीचरों को देश से बाहर भेजने के लिए जिन दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ है उनकी जांच होनी चाहिए। साथ ही नीलामी रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि जिन फर्नीचर को नीलामी में रखा गया है उनमें डाइनिंग टेबल, ऑफिस चेयर, बेंच और ड्रेसिंग टेबल शामिल हैं। इनका अनुमानित मूल्य लगभग 94 लाख से 1.49 करोड़ रुपये है।
जग्गा ने बताया कि हेरिटेज फर्नीचर की संभाल न होने से करोड़ों रुपये के राजस्व से हाथ धोना पड़ रहा है। जग्गा ने केंद्र सरकार से भी अपील की है कि हेरिटेज फर्नीचर की ऐसी सभी नीलामी को रोकने के साथ ही इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए कि आखिरकार देश से बाहर ये हेरिटेज फर्नीचर पहुंच कैसे रहा है। जो भी फर्नीचर की तस्करी में शामिल है उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा यहां स्थानीय स्तर पर भी इसकी चोरी रोकने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। पिछले कुछ सालों में शहर के करोड़ों रुपये के हेरिटेज फर्नीचर की यूएसए, यूके, फ्रांस व जर्मनी समेत अन्य देशों में नीलाम हो चुके हैं।
हेरिटेज संरक्षण के लिए चंडीगढ़ पहुंची है फ्रांस की टीम
हेरिटेज फर्नीचर व अन्य वस्तुओं की सुरक्षा, संरक्षण की कार्य योजना के लिए फ्रांस से अफसरों की एक टीम चंडीगढ़ पहुंची है। टीम पिछले कुछ दिनों से शहर में रहकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मुलाकात कर रही है। फ्रांसीसी मंत्रालय ने ली कार्बूजिए फाउंडेशन की निदेशक ब्रिगिट बाउवियर की अध्यक्षता में एक 10 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम चंडीगढ़ भेजी है। टीम में संरक्षण वैज्ञानिक, विरासत पुनर्स्थापन, संरक्षण वास्तुकार, फ्रांसीसी केंद्रीय न्यायिक पुलिस निदेशक के प्रतिनिधि, फ्रांसीसी संस्कृति मंत्रालय के ऐतिहासिक स्मारकों के वास्तुकार और महानिरीक्षक शामिल हैं। टीम ने हेरिटेज फर्नीचरों की पहचान के लिए अधिकारियों व कर्मियों को ट्रेनिंग देने की सिफारिश की है।