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तस्वीरें: विदेशों में कीमत लाखों, शहर में हेरिटेज फर्नीचर बना कबाड़

Thu, 20 Oct 2016 12:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़(सुमित सिंह श्योराण)
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चंडीगढ़ में हेरिटेज फर्नीचर बना कबाड़ - फोटो : अमर उजाला
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ली कार्बूजिए और पियरे जेनरे निर्मित हेरिटेज फर्नीचर ने चंडीगढ़ को दुनिया भर में नई पहचान दी है। लेकिन शहर में हेरिटेज फर्नीचर की सुरक्षा राम भरोसे है। शहर के शैक्षणिक संस्थानों से हेरिटेज फर्नीचर लगातार चोरी हो रहा है। लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन आंखें मूदे बैठा है। इस पूरे मामले में चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों की लापरवाही पर कोई जवाब तलब करने वाला नहीं है। 
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सेक्टर-11 स्थित पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज के सेक्टर 15 स्थित ब्वॉयज हॉस्टल से 10 अक्तूबर को हेरिटेज फर्नीचर चोरी के बाद भी यूटी प्रशासन के अधिकारियों की नींद नहीं खुली है। लाखों की हेरिटेज कुर्सियां चोरी होने के मामले के बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच के लिए हॉस्टल नहीं पहुंचा। एसएसपी ने मामले की जांच के लिए गठित टीम शांत बैठ गई है।  

 अमर उजाला ने हेरिटेज फर्नीचर के रख रखाव में अनियमितताओं के मामले को लगातार उठाया है। शहर के सबसे  पुराने और प्रतिष्ठित जीसी-11 कॉलेज में करोड़ों की कीमत का हेरिटेज फर्नीचर हैं। लेकिन फर्नीचर की सेफ्टी को लेकर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। हेरिटज से जुड़ा काफी सामान जगह की कमी के कारण कई सालों से कॉलेज के पार्किंग स्टैंड में पड़ा हुआ है। जबकि कुछ फर्नीचर लाइब्रेरी और हॉस्टल में रखे हैं। फर्नीचर की अनदेखी के कारण काफी कुर्सियां और स्टडी टेबल खराब हो चुकी हैं।
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 मामले में कॉलेज प्रिंसिपल प्रो.जेके सहगल का कहना है कि पार्किंग स्टैंड में उनके चार्ज संभालने से काफी पहले से फर्नीचर रखा हुआ है। जल्द ही फर्नीचर के लिए नई जगह तलाश की जाएगी। उधर, सेक्टर-15 स्थित ब्वॉयज हॉस्टल में सुरक्षा पुख्ता करने के लिए कॉलेज प्रबंधन ने मुख्य गेट की दीवार ऊंची करने के लिए चीफ इंजीनियर को चिट्ठी लिखी है। 

30 करोड़ से अधिक के चोरी के फर्नीचर नीलाम

चंडीगढ़ में हेरिटेज फर्नीचर बना कबाड़ - फोटो : अमर उजाला
कुछ सालों में ली कार्बूजिए और पियरे द्वारा तैयार हेरिटेज फर्नीचर को चोरों ने विदेशी मार्केट में 30 करोड़ से अधिक में नीलाम किया है। पिछले कुछ सालों में विदेशों में करीब 15 बार हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी हुई है। यूटी प्रशासन के रिकार्ड में ली कार्बूजिए और पियरे जेनरे द्वारा तैयार 12793 आइटम हेरिटेज लिस्ट में शामिल हैं। 

शैक्षणिक संस्थानों में 8 हजार हेरिटेज फर्नीचर
 गौरतलब है कि शहर केशैक्षणिक संस्थानों से ही सबसे अधिक हेरिटेज फर्नीचर की चोरी होती है। लेकिन इस बेशकीमती फर्नीचर की सुरक्षा को लेकर यूटी प्रशासन अभी तक कोई ठोस पॉलिसी नहीं बना सका है। यूटी के शैक्षणिक संस्थानों में 8 हजार से अधिक हेरिटेज फर्नीचर है।

लेकिन अभी तक इसकी सुरक्षा को लेकर हाईटेक चिप लगाने का प्रपोजल सिर्फ कागजों तक सिमटा हुआ है। हेरिटेज फर्नीचर की सुरक्षा को लेकर यूटी प्रशासन ने वैसे तो हेरिटेज सरंक्षण कमेटी का गठन किया है, लेकिन कमेटी की सिफारिशंों पर अभी तक कोई काम नहीं हुआ। 
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लगातार बढ़ रहे चोरी के मामले, पुलिस फेल

चंडीगढ़ में हेरिटेज फर्नीचर बना कबाड़ - फोटो : अमर उजाला
ली कार्बूजिए और पियरे जेनरे द्वारा तैयार 60 फीसदी से अधिक हेरिटेज फर्नीचर पीयू, पेक, गवर्नमेंट कॉलेज, गवर्नमेंट स्कूलों में है। 2012 में एक विदेशी महिला ने जनरल पोस्ट ऑफिस से हेरिटेज फर्नीचर पार्सल करने की कोशिश की थी।

मार्च 2012 में नया गांव से करीब 150 हेरिटेज आइटम बरामद किए गए। 2015 में सेक्टर-19 ली कार्बूजिए सेंटर से 8 कुर्सियां और दो टेबल चोरी हुए। जनवरी 2016 में सेक्टर-10 स्थित गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज से 15 हेरिटेज कुर्सियां के चोरी के मामले सामने आ चुके हैं।   

हेरिटेज फर्नीचर के रखरखाव को लेकर सभी शैक्षणिक संस्थानों को गाइड लाइंस भेजी हुई हैं। हॉस्टल से हेरिटेज फर्नीचर चोरी मामले में गृहसचिव ने रिपोर्ट तलब की है। अगले हफ्ते हेरिटेज फर्नीचर की सुरक्षा को मीटिंग बुलाई गई है। हेरिटेज फर्नीचर की सुरक्षा के लिए सभी जगह सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रपोजल है। -कपिल सेतिया, चीफ आर्किटेक्चर चंडीगढ़ प्रशासन 
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