फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना से बचाव की मौजूदा रणनीति पर नवनियुक्त निदेशक स्वास्थ्य चंडीगढ़ का साक्षात्कार, पढ़ें

Tue, 06 Oct 2020 10:45 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
डॉ. अमनदीप कंग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कोरोना महामारी के दौर में स्वास्थ्य विभाग के कंधों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। पॉजिटिव मरीजों के इलाज के साथ संक्रमण के बढ़ते दायरे को कम करना, अपने डॉक्टरों और कर्मचारियों को संक्रमण से बचाना चुनौती है। नवनियुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमनदीप कंग ने इस चुनौती से मुकाबला करने की तैयारी शुरू कर दी है। अमर उजाला से विशेष बातचीत में कोरोना पर नियंत्रण व जीत दर्ज करने के लिए बनाई गई खास रणनीति से जुड़े कई अहम पक्ष साझा किए। पेश है वीणा तिवारी की रिपोर्ट...
विज्ञापन


सवाल : कोरोना पॉजिटिव केस लगातार घट रहे हैं, पर विशेषज्ञों का कहना है कि अभी स्थिति गंभीर है, आपकी नई रणनीति क्या होगी?
जवाब :
पॉश इलाकों में कोरोना काफी हद तक नियंत्रण में आ चुका है। जांच के लिए पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में काफी कमी आ चुकी है। बस्तियों में अभी कोरोना नियंत्रण में नहीं है। वहां रह रहे लोगों को पता भी नहीं चल पा रहा है कि वह पॉजिटिव हैं। इस वजह से उनके संपर्क से ज्यादा लोगों पर संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है।

कोरोना पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग उन बस्तियों की तरफ ध्यान देगा, जहां के लोगों में कोरोना के प्रति जागरूकता की कमी है। घर-घर निरीक्षण की संख्या बढ़ाई जाएगी। वह खुद हफ्ते में दो दिन औचक निरीक्षण कर जांच करेंगी। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पॉजिटिव मरीजों के साथ बस्तियों की स्थिति का आकलन करना है, ताकि उन्हें इसकी जानकारी मिल सके कि किस क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग कैसा काम कर रहा है। कमजोरियों का आकलन कर उसे समय पर सुधारा जा सके।
विज्ञापन

सवाल : कोरोना के गंभीर मरीजों की बेहतरी के लिए क्या उपाय किए जाएंगे?
जवाब :
कमजोर आर्थिक स्थिति वाले एकांतवास में रह रहे गंभीर मरीजों को अब पल्स ऑक्सीमीटर दिया जाएगा। इससे लगातार उनका फॉलोअप ले सकेंगे। पल्स ऑक्सीमीटर देने के दौरान स्वास्थ्य कर्मचारी उन्हें ऑक्सीजन का स्तर जांचना और उसका रिकॉर्ड तैयार करने की जानकारी देंगे। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मचारी दिन में दो से तीन बार फोन करके नोट करेंगे। जिस मरीज का ऑक्सीजन स्तर कम पाया जाएगा, उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कर लिया जाएगा।

सवाल : स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय से बाहर काम करने वाले कर्मचारी पॉजिटिव मरीजों के घर जाते हैं, उनकी सुरक्षा की क्या तैयारी है?
जवाब :
कोरोना से जंग में डॉक्टरों के साथ कार्यालय से बाहर काम करने वाले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों व सामाजिक मेडिकल कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी बेहद अहम है। उन्हें पॉजिटिव मरीजों के घर जाकर फीडबैक लेना पड़ रहा है। कोरोना संक्रमण से उनका सामना सीधे हो रहा है। उन्हें संक्रमण से बचाने के लिए थ्री लेयर मास्क के साथ फेस शील्ड भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वह ड्यूटी के दौरान संक्रमित लोगों के संपर्क में आने पर भी सुरक्षित रह सकें।
विज्ञापन

सवाल : कोरोना के मरीजों का मानसिक तनाव दूर करने के लिए क्या योजना है?
जवाब :
पॉजिटिव मरीजों के दिलोदिमाग से कोरोना का डर निकालने के लिए काउंसलिंग यूनिट को मजबूत किया जाएगा। मनोचिकित्सकों को एकांतवास में रह रहे ज्यादा से ज्यादा मरीजों को फोन कर फीडबैक लेने व उनकी मानसिक समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया गया है।

लोगों के दिमाग में यह बात बैठ गई है कि अगर उन्होंने एकांतवास के दौरान तबीयत खराब होने की बात बताई तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया जाएगा। इस वजह से वे अपनी परेशानियों को साझा नहीं कर रहे हैं।

एकांतवास के मरीजों को काउंसलिंग के दौरान यह बताया जाएगा कि उन्हें होने वाली छोटी-मोटी परेशानियों का अस्पताल में चंद घंटों में इलाज कर उन्हें फिर घर छोड़ दिया जाएगा। ऐसा कर एकांतवास के मरीजों की स्थिति खराब होने से रोकने में सफलता मिलेगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें