आखिरकार चंडीगढ़ के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने जीवी मावलंकर चैंपियनशिप में रजत पदक जीत लिया। राज्यपाल ने भोपाल में आयोजित जीवी मावलंकर शूटिंग चैंपियनशिप की ट्रैप स्पर्धा में पदक जीता।
इसके साथ ही वीपी सिंह संवैधानिक पद पर रहते हुए निशानेबाजी का पदक जीतने वाले संभवत: पहले व्यक्ति बन गए हैं। भोपाल में आयोजित की जा रही यह स्पर्धा देश की दूसरे नंबर की स्पर्धा है, जिसमें बदनौर ने पदक जीता।
वास्तव में जीवी मावलंकर प्रतियोगिता शूटरों के लिए सबसे अहम प्रतियोगिता होती है। इसके लिए 70 वर्षीय राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर के प्रैक्टिस में अच्छे स्कोर को देखते हुए नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने खेलने की अनुमति दी थी। अब राज्यपाल ने चैंपियनशिप में न सिर्फ अच्छा स्कोर किया बल्कि उन्होंने नेशनल चैंपियनशिप के लिए भी क्वालिफाई कर गए।
ध्यान रहे राज्यपाल को पहले ही शूटिंग का काफी शौक रहा है और उन्होंने इस चैंपियनिशप के लिए एक माह पटियाला की मोतीबाग शूटिंग रेंज में तैयारियां की। इसके लिए उन्हें कोचिंग देने का काम भारतीय जूनियर शॉटगन टीम के कोच विश्वदेव सिंह सिद्धू ने किया।
राज्यपाल के ट्रेनर सिद्धू के मुताबिक, भीलवाड़ा राजघराने से आने वाले राज्यपाल लंबे अरसे से शौकिया शूटिंग कर रहे थे पर उनका शौक इस बार चैंपियनशिप तक ले गया। उन्होंने शूटिंग की प्रैक्टिस के दौरान हरेक पहलू को ध्यान से परखा।