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बजट: केंद्र ने चंडीगढ़ की झोली में 5382.79 करोड़ डाले, विकास कार्यों के बजट में 79.12 करोड़ की कटौती

Tue, 01 Feb 2022 11:27 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

केंद्र ने दिसंबर में वर्तमान वित्त वर्ष के बजट खर्चे को देखा और फिर एक भी रुपये अतिरिक्त देने के बजाय 5186 करोड़ रुपये के सालाना बजट में से 244 करोड़ रुपये काट लिए। इसके साथ ही चंडीगढ़ का बजट 4942 करोड़ रुपये का रह गया।
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चंडीगढ़ - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने वर्ष 2022-23 के लिए 5382.79 करोड़ रुपये चंडीगढ़ की झोली में डाले हैं। इसमें रेवेन्यू हेड यानी वेतन, भत्ते व अन्य खर्चों के लिए 4843.46 करोड़ जबकि कैपिटल हेड यानी विकास कार्यों के लिए 539.33 करोड़ रुपये मिले हैं। यूटी प्रशासन ने 5836 करोड़ रुपये की मांग की थी। इसमें से 453.21 करोड़ के बजट पर कैंची चल गई है। हालांकि वर्ष 2021-22 के मुकाबले इस बार 196.67 करोड़ रुपये (3.79 फीसदी) ज्यादा मिले हैं।  

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केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ के बजट में जो बढ़ोतरी की है, वो रेवेन्यू हेड में की है। यानी कर्मचारियों के वेतन, भत्ते व अन्य खर्चों के लिए केंद्र ने पिछली बार से 275.79 करोड़ रुपये ज्यादा दिए हैं। चिंता की बात ये है कि केंद्र ने यूटी के कैपिटल हेड, जिसका इस्तेमाल नए प्रोजेक्ट के लिए किया जाता है, उसमें कटौती कर दी है। पिछली बार विकास कार्यों के लिए 618.45 करोड़ रुपये मिले थे लेकिन इस बार केंद्र ने 539.33 करोड़ रुपये ही दिए हैं। करीब 79.12 करोड़ रुपये कम मिले हैं। 

आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2022-23 के लिए भले चंडीगढ़ का बजट 196.67 करोड़ रुपये बढ़ा है लेकिन विकास कार्यों के लिए केंद्र ने पिछले साल से भी कम पैसे दिए हैं। इसका सीधा असर चंडीगढ़ की नई परियोजनाओं पर पड़ेगा। इसके अलावा ये नगर निगम के लिए भी झटका है, क्योंकि नगर निगम को उम्मीद थी कि इस बार बजट में अधिक पैसा आएगा तो प्रशासन उन्हें राहत प्रदान करेगा।

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गांवों के विकास के लिए सिर्फ 72 लाख 
शहर में स्वास्थ्य सेवाएं इस वर्ष मजबूत होंगी, क्योंकि केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य के बजट में 60.23 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की है। शिक्षा, पुलिस, परिवहन समेत लगभग सभी पड़े विभागों के बजट को बढ़ाया गया है। हालांकि आवास और शहरी विकास के लिए चंडीगढ़ को पिछले साल 950.41 करोड़ मिले थे लेकिन इस बार इसके बजट में कटौती की गई है और चंडीगढ़ को 839.59 करोड़ रुपये मिले हैं। गांवों के विकास के लिए सिर्फ 72 लाख रुपये मिले हैं। पिछले साल 66 लाख रुपये मिले थे। 

वर्तमान बजट खर्च नहीं कर पाया प्रशासन तो केंद्र ने काटे 244 करोड़
प्रशासन की तरफ से नगर निगम व अन्य कुछ विकास कार्यों के लिए कुल 203 करोड़ रुपये जोड़कर आरई में 5389 करोड़ रुपयों की मांग की गई थी। केंद्र ने दिसंबर में वर्तमान वित्त वर्ष के बजट खर्चे को देखा और फिर एक भी रुपये अतिरिक्त देने के बजाय 5186 करोड़ रुपये के सालाना बजट में से 244 करोड़ रुपये काट लिए। इसके साथ ही चंडीगढ़ का बजट 4942 करोड़ रुपये का रह गया।

बता दें कि प्रशासन ने 31 जनवरी 2022 तक वर्तमान बजट का करीब 85 फीसदी पैसा खर्च कर दिया है। बजट का अधिकतम पैसा कर्मचारियों को तनख्वाह, भते, ग्रांट-इन-ऐड आदि में खर्च हुआ है। चंडीगढ़ को वर्ष 2021-22 के लिए कैपिटल और रेवेन्यू हेड के तहत 2021-22 के लिए कुल 5186.14 करोड़ रुपये मिले थे। इसमें रेवेन्यू हेड के तहत 4567.69 करोड़ और कैपिटल हेड के तहत 618.45 करोड़ रुपये मिले थे। बजट में गांव के विकास के लिए नगर निगम को कुछ खास पैसे नहीं मिले, इसलिए निगम को उम्मीद थी कि रिवाइज्ड एस्टीमेट (आरई) में रुपये मिलेंगे।
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किस विभाग को कितना बजट मिला

  • विभाग                                          वर्ष 2021-22           वर्ष 2022-23
  • पुलिस                                            603.65                     640.67
  • शिक्षा                                             849.50                     882.74
  • स्वास्थ्य                                         546.86                     609.09
  • ट्रांसपोर्ट                                          299.42                     301.75 
  • आवास और शहरी विकास                  950.41                     839.59
  • बिजली                                           925.19                     1031.23
  • वन विभाग                                      42.81                       47.12
  • सोशल सिक्योरिटी व वेलफेयर            80.95                       82.38
  • गांव व छोटे उद्योग                          1.63                         2.01
  • सचिवालय                                      13.93                      15.82
  • खाद्य विभाग                                  13.08                      14.69
  • कृषि विभाग                                     7.05                        7.90
  • ग्रामीण विकास                                0.66                         0.72  
  • लेबर                                              20.22                      20.38
  • अन्य                                             1011.09                  1078.72   
नोट: सभी राशि करोड़ में

किस साल कितना बजट मिला

  • वर्ष                                मांग                             बजट मिला
  • 2015-16                     4229 करोड़                     3543 करोड़
  • 2016-17                     5489 करोड़                     3937.47 करोड़
  • 2017-18                     6151 करोड़                     4312.40 करोड़
  • 2018-19                     5908 करोड़                     4511.91 करोड़
  • 2019-20                     5218 करोड़                     4753.12 करोड़
  • 2020-21                     5300 करोड़                     5138.10 करोड़
  • 2021-22                    5670.31 करोड़                 5186.12 करोड़
  • 2022-23                    5836 करोड़                      5382.79करोड़
आवंटित बजट से हम संतुष्ट
चंडीगढ़ प्रशासन ने केंद्र सरकार से वर्ष 2022-2023 के लिए 5833 करोड़ के बजट का अनुरोध किया था। हमें 5382.79 करोड़ रुपये का बजट मिला है, जो वर्ष 2021-2022 के लिए प्राप्त बजट से 196.67 करोड़ रुपये अधिक है। हम भारत सरकार द्वारा आवंटित बजट से संतुष्ट हैं लेकिन संशोधित अनुमान (आरई) के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन के बजट को बढ़ाने की मांग करेंगे। - धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक
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