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'मां, मेरा गुनाह क्या था, जो मुझे ये सजा मिली'

Sun, 12 Apr 2015 08:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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खेलने-कूदने की उम्र में बेटी भगवान के घर चली गई। आखिर उसका गुनाह क्या था, जो उसे इतनी दर्दनाक सजा मिली। हत्या की शिकार हो चुकी पौने चार साल की बच्ची में माता-पिता बेटे का रूप देखते थे।
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बच्ची की दो बड़ी बहन हैं और वे यूपी के आजमगढ़ में दादा-दादी के साथ रहती हैं। पीड़ित माता-पिता के सगे संबधियों ने बताया कि जब उनकी तीसरी बच्ची गर्भ में थी तो वे उम्मीद कर रहे थे कि दो बेटियों के बाद अब बेटा होगा, लेकिन ऊपर वाले को कुछ और ही मंजूर था। उन्होंने फिर से घर में लक्ष्मी के रूप में बेटी को भेजा। वह काफी चुलबुली थी और उसने अभी स्कूल जाना शुरू किया था।

आसपास की महिलाओं ने बताया था कि जब उसकी मां किचन में काम करती थी तो वह साथ ही रहती थी। मां जो भी सामान मंगवाती थी, वह उसे दौड़ कर ले आती। वह अपने दादा-दादी की भी लाडली थी। पड़ोसियों ने बताया कि वह काफी तेज थी। उसे कोई भी बात सिखाता था तो वह झट से उसे समझ लेती थी। दोबारा उसे समझाने की जरूरत नहीं पड़ती थी।
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सांसद किरण जाएंगी बच्ची के घर

बच्ची से हुए दर्दनाक हादसे की जानकारी वार्ड पार्षद सतीश कैंथ ने सांसद किरण खेर को दे दी है। सांसद ने पार्षद को बताया है कि वे रविवार को चंडीगढ़ पहुंच रही हैं। चंडीगढ़ पहुंचते ही वे बच्ची के घर जाएंगी। रविवार को वे भाजपा पार्षद के  साथ मीटिंग भी करेंगी। शनिवार को पुलिस और भीड़ के बीच झड़प में कैंथ भी घायल हुए।

टाइम लाइन
शुक्रवार रात 9:00 बजे - बच्ची घर के बाहर खेल रही थी।
रात 9:10 बजे - मां बच्ची को बुलाने आई तो वह गायब थी।
रात 9:12 बजे -पड़ोस की महिला ने बताया कि कोई युवक टाफी खिला रहा था।
रात 9:30 बजे - पिता और परिजन थाने में शिकायत देने पहुंचे।
रात 10:40 बजे - शिकायत सुन पुलिस ने आश्वासन देकर लौटाया।
रात 10:55 बजे - मौजूद लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम में आठ बार काल किया।
रात 11:45 बजे- एसएचओ व पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।
रात 12:00 बजे- पुलिस की दो टीमें बनाई गईं।
रात 2:30 बजे - एसएचओ व टीम खाना खाने के बहाने चली गई।
रात 3:00 बजे - परिजन और कालोनी के लोग खुद तलाश में लगे रहे।
शनिवार सुबह 04:00 बजे परिजन और लोगों ने जंगल में तलाश करनी शुरू की। 
सुबह 06:00 बजे लोगों की नजर लाश पर पड़ी, परिजनों और पुलिस को सूचना दी।
सुबह 06:10 परिजन मौके पर पहुंच और शव को पायल से पहचाना।
सुबह 07:30 बजे मौके पर पहुंची पुलिस टीम ।
सुबह 07:45 बजे पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे ।
सुबह 8:00 बजे पुलिस व लोगों के बीच शव को लेने की बात पर हंगामा।
सुबह 8:34 बजे एसएसपी मनीष चौधरी मौके पर पहुंचे।
सुबह 11:00 बजे पुलिस की भारी टीम पहुंची
सुबह 11:45 बजे डीआईजी एएस चीमा मौके पर पहुंचे।
दोपहर 12:03 पर लाठीचार्ज का आदेश जारी।
दोपहर 12:14 पर शव लेकर पुलिस कर्मी भागे।
दोपहर 12:23 बजे जंगल में दोनों पक्षों में तनाव बढ़ा।
दोपहर 12:30 बजे पुलिस टीम जंगल से बाहर आई।
दोपहर 12:45 बजे लोगों ने कालोनी की लाइट प्वाइंट चौराहे का घेराव किया। 
दोपहर 1:00 बजे पुलिस की गाड़ी पर पत्थर फेंके।
दोपहर 1:15 बजे महिलाएं भी भीड़ में शामिल हुईं।
दोपहर 1:25 बजे एसएसपी की गाड़ी पर पथराव।
दोपहर 01:29 राहगीर की कार तोड़ी।
दोपहर 02:10 बजे चौराहे पर लाठीचार्ज 
दोपहर 02:17 पर पुलिस की तीन गाड़ियां आईं। 
दोपहर 02:30 बजे पुलिस अफसरों की टीम पहुंचीं।
दोपहर 03:00 माहौल शांत हुआ।
शाम 05:00 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा।
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