चंडीगढ़ में 21 साल की युवती से गैंगरेप मामले में पुलिस के हाथ कुछ ऐसे सुराग लगे हैं, जिन्हें जानकर वह खुद सकते में है। जांच के मुताबिक अपराध में जिस ऑटो का इस्तेमाल किया गया, वह टैंपरेरी नंबर का था। सीसीटीवी फुटेज में टैंपरेरी नंबर साफ नहीं दिख रहा है।
हालांकि यह पता चला कि ऑटो सीएनजी वाला था। पुलिस यह भी मानकर चल रही है कि ऑटो का टैंपरेरी नंबर महीनों पुराना भी हो सकता है इसलिए अब पुलिस सीएनजी ऑटो की लिस्ट निकालकर उन्हें भी चेक कर रही है।
इसके अलावा पुलिस के पास कोई बड़ी लीड नहीं है। आरोपी युवती का मोबाइल फोन भी साथ ले गए हैं। मोबाइल फोन आरोपियों के पास है या फिर उन्होंने कहीं फेंक दिया है, इस पर भी जांच हो रही है।
प्लानिंग बनाकर रेप को अंजाम दिया
Chandigarh Gangrape Case
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपियों ने पूरी प्लानिंग से गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया है। उन्हें पता था कि सुनसान रास्ता है। सड़क पर लाइट नहीं है। अकेली लड़की मिली और उसे ऑटो में बैठा लिया। ऑटो के अंदर तीनों लोग कोड वर्ड में बात कर रहे थे। पूरी बातचीत में तीनों में से किसी ने एक दूसरे का नाम नहीं लिया।
बातचीत के दौरान वे ऐसी सावधानी बरत रहे थे कि पीड़िता को लगे कि अंदर भी सवारी बैठी है। तीन में से दो लोग नशे में थे। पूरी घटना के दौरान तीनों में से किसी ने भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया। इसलिए पुलिस को टावरों के डंप डाटा से भी मदद नहीं मिल पा रही। यह भी उनकी प्लानिंग का एक हिस्सा था।
पहले भी महिलाओं को टारगेट किया हो
आरोपियों ने जिस तरह से गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया है, उससे पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं इन तीनों ने पहले भी किसी महिला को टारगेट न किया हो। क्योंकि घटनास्थल से किसी सुबूत का न मिलना, मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करना और बार्डर पर घटना को अंजाम देना किसी पेशेवर अपराधियों की हरकत लगती है। पुलिस को यह भी शक है कि इस जगह को इसलिए चुना गया क्योंकि वहां से भागना आसान है। संभव है कि अपराधी मोहाली की ओर भाग गए हों।
चंडीगढ़ से अंबाला छान दिया, नतीजा जीरो
Chandigarh Gangrape Case
21 साल की युवती से गैंगरेप के मामले में पुलिस ने चंडीगढ़, मोहाली और अंबाला में कई जगह छापामारी की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके अलावा पुलिस पुराने अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाल रही है। पुलिस ने पीड़िता के घर जाकर उसे कुछ फोटो भी दिखाए और कुछ लोगों को राउंडअप कर शिनाख्त भी कराई गई, लेकिन पीड़िता ने किसी को नहीं पहचाना।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी न पंजाबी बोल रहे थे, न ही हरियाणवी और न ही शुद्ध हिंदी। उनकी बातचीत उखड़ी हुई हिंदी में थी। रविवार को पुलिस ने ऐसे अपराधियों का रिकॉर्ड जुटाकर पीड़िता को फोटो दिखाई, जो इस तरह की प्रवृति का अपराध कर चुके हैं। ऐसे अपराधी भी दिखाए गए जो या तो सजा काटकर जेल से आ चुके हैं या पैरोल पर हैं। पुलिस को शक था कि कहीं कोई पैरोल पर आया अपराधी वारदात को अंजाम न दे गया हो।
कुछ पुराने अपराधियों को पुलिस पकड़कर लाई और पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। हालांकि ऐसे ही चंडीगढ़ के एक व्यक्ति को पुलिस पूछताछ के लिए थाने में लाई तो उसके परिजनों ने सेक्टर-36 थाने में आकर हंगामा भी किया। ऐसे कई संदिग्धों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी।
ऑटो वालों से पूछताछ जारी
Chandigarh Gangrape Case
सभी पुलिस स्टेशन की अलग-अलग टीमों को उनके क्षेत्र में चलने वाले ऑटो चालकों से पूछताछ करने के लिए लगाया गया है। पुलिस कर्मी सीसीटीवी फुटेज भी ऑटो चालकों को दिखा रहे हैं, ताकि कोई सुराग मिल सके।
एसएसपी ने लगाई सभी डीएसपी की क्लास
एसएसपी निलांबरी विजय जगदले ने सभी यूनिटों के डीएसपी की क्लास लगाई और निर्देश दिए कि जल्द वारदात को सुलझाया जाए। क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल और साइबर सेल को तेजी से काम करने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक मोहाली पुलिस भी इस वारदात को ट्रेस करने में रुचि दिखा रही है।
पुराने अपराधियों की फोटो दिखाकर पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। कुछ लोगों से पूछताछ भी गई। अलग-अलग टीमों को केस हल करने में लगाया गया है।
- निलांबरी विजय जगदले, एसएसपी चंडीगढ़ पुलिस