दूध, पनीर, तेल और मसालों में मिलावट की जांच के लिए अब ग्राहकों को ज्यादा जेब ढीली नहीं करनी पड़ेगी, क्योंकि दाम घटा दिए गए हैं। अब सिर्फ 20 रुपये देने पड़ेंगे। पहले 30 रुपये देने पड़ते थे। चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित मोबाइल फूड टेस्टिंग लेबोरेटरी सेक्टरों में जाकर खाद्य पदार्थों को चेक करती है। पहले केमिकल डालकर चेक किया जाता था। एक बार में एक ही मिलावट की रिपोर्ट मिलती थी।
इसका मतलब यह हुआ कि यदि किसी ग्राहक को दूध में यूरिया, केमिकल और स्टार्च की जांच करवानी हो तो उसे 60 रुपये देने पड़ते थे। इससे जांचे ग्राहकों को काफी महंगी पड़ती थी। अब भारत सरकार की ओर से चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग को एक इलेक्ट्रानिक मशीन मिल गई है, जो एक साथ 12 टेस्ट की रिपोर्ट देती है, जो केमिकल के मुकाबले सस्ती भी पड़ती है। इसलिए प्रशासन ने दाम कम कर दिए हैं।
इन खाद्य पदार्थों को चेक करवा सकते हैं
मोबाइल फूड लेबोरेटरी में करीब एक दर्जन से अधिक खाद्य पदार्थों को चेक कर सकते हैं। इसमें दूध, पनीर, खोया, दाल, तेल, मसाले और मिठाइयां शामिल है। इसमें जांच कराते ही मौके पर ही ग्राहकों को रिपोर्ट मिल जाती है। हालांकि इस पर रिपोर्ट पर विभाग कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करता है, लेकिन यदि ग्राहक इस बारे में विभाग को शिकायत देते हैं तो संबंधित दुकानों पर छापामारी कर सैंपल भरने की कार्रवाई की जाती है।
अब सभी सेक्टरों में जाएगी लैब
अभी मोबाइल फूड वैन कुछ चुनिंदा स्थानों में खड़ी होती है। सोमवार को सेक्टर 22 अस्पताल, मंगलवार सेक्टर 8 की डिस्पेंसरी, बुधवार सेक्टर 40 की डिस्पेंसरी, वीरवार सेक्टर 45 अस्पताल, शुक्रवार को मनीमाजरा के सिविल अस्पताल में। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से बताया गया है कि अब आरडब्ल्यूए के साथ मिलकर सभी सेक्टरों में बारी-बारी ले जाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि चंडीगढ़ का कोई भी व्यक्ति इस लैब में किसी भी खाद्य पदार्थ की जांच करवा सकता है।