चंडीगढ़ में ट्रिब्यून चौक पर बनने वाला पहला क्लोवरलीफ फ्लाईओवर प्रोजेक्ट अब तक अधर में है। इसकी राह में अब शर्तें रोड़ा बन गई हैं। प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करने को कंसल्टेंट नियुक्ति के लिए दो बार टेंडर भी हुए। लेकिन अब तक कोई भी कंपनी इसके लिए राजी नहीं हो रही। दरअसल फ्लाईओवर की रूपरेखा तैयार करने वाली कंपनी के लिए कुछ कठिन शर्तें रखी गईं हैं जिस कारण किसी ने अब तक रुचि नहीं दिखाई। हालांकि इस प्रोजेक्ट के लिए पर्यावरण संबंधी सभी अप्रूवल पहले ही मिल चुकी है।
ये हैं शर्तें
शर्तों के मुताबिक कंपनी विद इन सिटी हो और पहले क्लोवरलीफ फ्लाईओवर प्रोजेक्ट पर काम किया हो। कंपनी ज्यादा वर्कर रखे और सभी कर्मचारी उच्च श्रेणी के होने चाहिए। इन शर्तों की वजह से कोई भी कंपनी इस प्रोजेक्ट के टेंडर को लेने के लिए तैयार नहीं हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि अब एनएचएआई के लोकल आफिस से अप्रूवल लेकर दोनों शर्तों को हटा लिया है। अब एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट में कोई भी कंपनी हिस्सा ले सकेगी। नया टेंडर कॉल किया गया है जो 21 अप्रैल को खुलेगा।
जाम से निबटने के लिए बनी थी योजना
जाम की स्थिति
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ट्रिब्यून चौक पर हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। खासतौर पर सुबह और शाम को रोजाना जाम लगता है। जाम खुलने के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। यह जाम की स्थिति जीरकपुर तक रहती है। पंजाब और हरियाणा से आने वाला अधिकतर ट्रैफिक दक्षिण मार्ग से ही चंडीगढ़ में प्रवेश करता है। इसके अलावा पंचकूला, जीरकपुर और मोहाली का भी अधिकतर ट्रैफिक दक्षिण मार्ग से ही आता है। इतना ही नहीं शिमला की ओर जाने वाला ट्रैफिक जो शहर के साउथ सेक्टरों से आता है।
रोज डेढ़ लाख वाहन गुजरते हैं चौक से
चंडीगढ़ प्रशासन की एक स्टडी के मुताबिक ट्रिब्यून चौक से रोज औसतन 1 लाख 43 हजार 170 वाहन गुजरते हैं। इसमें 1 लाख 35 हजार 805 कारें शामिल हैं। बाकी दोपहिया, बस व अन्य वाहन शामिल हैं। एक दिन में इतने वाहन गुजरने से चौक पूरी तरह से जाम हो जाता है। इससे ट्राइसिटी के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
टेंडर में पहले कुछ ऐसी कंडीशन थीं, जिसके चलते किसी भी कंपनी ने टेंडर नहीं भरे। अब कठिन शर्ते हटा दी गई हैं। तीसरी बार टेंडर कॉल किया गया है जो 21 अप्रैल को खोला जाएगा।
- मुकेश आनंद, चीफ इंजीनियर, यूटी चंडीगढ़