Punjab University Professor Arun Kumar Grover
यूजीसी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पीयू को नोटिस जारी किया है और आर्थिक स्थिति पर रिपोट्र मांगी है। केंद्रीय मंत्रालय को भी तलब किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी। गौरतलब है कि पंजाब यूनिवर्सिटी के आर्थिक संकट को लेकर हाईकोर्ट ने यूजीसी को एक माह में पीयू को 30.5 करोड़ की अतिरिक्त ग्रांट देने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद यूजीसी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी।
हरियाणा, हिमाचल से भी मिलता था फंड
पंजाब यूनिवर्सिटी एक इंटर स्टेट बॉडी है। इस यूनिवर्सिटी को पहले पंजाब, हरियाणा और हिमाचल सरकार भी निर्धारित बजट देती थी। लेकिन सन 1966 में पीयू को अंतरराज्यीय बॉडी कारपोरेट घोषित कर दिया गया। 1970 से हरियाणा और हिमाचल प्रदेश ने पीयू ने अपना निर्धारित बजट देना बंद कर दिया। 1976 में पंजाब यूनिवर्सिटी के बजट को केंद्र सरकार के अधीनस्थ गृह मंत्रालय के बजट का हिस्सा बनाया।
2008 में केंद्र सरकार ने गृह मंत्रालय के बजट से पंजाब यूनिवर्सिटी के बजट को अलग कर दिया गया और प्रावधान किया कि पंजाब यूनिवर्सिटी को कुल बजट का 60 फीसदी केंद्र और 40 फीसदी पंजाब सरकार देगी। लेकिन कुछ वर्ष साल पूर्व पंजाब सरकार ने पीयू को अपने 40 फीसदी हिस्से के बजाया सिर्फ20 करोड़ रुपये सालाना दिए जाना तय किया।