चंडीगढ़ अग्निशमन विभाग के पास पिछले छह साल से वायरलेस फोन नहीं है। विभाग के योद्धा आपातस्थिति में इसके बिना खुद को लाचार महसूस करते हैं। वायरलेस फोन एक ऐसा उपकरण है जो फायरकर्मी को आपातकाल की स्थिति में बचाने का काम करता है। आग बुझाने के दौरान फायरकर्मी फंस जाए तो वह वायरलेस फोन के माध्यम से बाहर बैठे साथियों को इसकी सूचना दे सकता है।
शहर में आग लगने की बहुत सी बड़ी घटनाएं घटित हो चुकी हैं। वायरलेस फोन न होने के चलते घटना के वक्त फायरकर्मी खुद अपने फोन से बाहर बैठे अपने साथी को किसी भी तरह की सूचना आदान प्रदान करते हैं जबकि धुआं उठने से मोबाइल फोन की स्क्रीन नहीं दिखती और पानी से फायरकर्मियों के फोन गीले हो जाते है। अगर फायरकर्मी बेसमेंट में आग बुझाने के लिए गए हों तो ऐसे में उनके फोन में सिग्नल नहीं आते। ऐसी स्थिति से बाहर आने के लिए उनके पास वायरलेस फोन का होना बहुत जरूरी है। अग्निशमन विभाग आग बुझाने के लिए तमाम तरह के उपकरण खरीदता है, लेकिन कर्मचारियों के लिए वायरलेस फोन खरीदना भूल जाता है। हालांकि अग्निशमन विभाग ने इस साल ब्रिथिंग ऑपरेटर्स, फायर सूट सहित अन्य उपकरण खरीदे हैं।
शहर में आग लगने की प्रमुख घटनाएं
1. सेक्टर-26 में ग्लास ट्रेडर्स शोरूम में 27 फरवरी 2023 को आग लग गई थी। आग बुझाने में फायर कर्मियों को तीन दिन लगे थे।
2. औद्योगिक क्षेत्र फेज -1 में एक शराब फैक्ट्री में 27 अक्टूबर 2022 को आग लग गई थी। आग से फैक्ट्री परिसर में कई विस्फोट हुए थे।
3. डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड में 6 अक्तूबर 2022 आग लग गई थी, जिसे बुझाने में तीन दिन लगे थे।
4. सेक्टर-53 की फर्नीचर मार्केट में 22 जून 2022 को 13 दुकानें आग से जलकर खाक हो गई थीं।
5. सेक्टर-32 में 22 फरवरी 2020 को एक पीजी आवास में आग लगने से तीन छात्राओं की मौत हो गई थी।
फायरकर्मियों के लिए वायलेस फोन खरीदने की बात चल रही है। सिम कार्ड वाले वायरलेस फोन खरीदने थे, लेकिन फायरकर्मी बिना सिम वाले वायरलेस फोन की मांग कर रहे हैं। आपातकाल की स्थित में सिम वाले फोन में सिग्नल नहीं आते। ऐसे में जल्द वायरलेस फोन खरीद लिए जाएंगे।
-गुरिंदर सिंह सोढ़ी, चीफ फायर ऑफिसर चंडीगढ़