सेक्टर-17 में आग के बाद ढही इमारत की सारी जिम्मेदारी नाइलिट की थी। इमारत मालिकों ने 1970 में ही बिल्डिंग नाइलिट को किराये पर दे दी थी। इमारत के एक शेयर होल्डर ने पुलिस को बताई। शेयर होल्डर ने इमारत की रजिस्ट्री के कागजात पुलिस के पास जमा करवा दिए है।
इसमें दस शेयर होल्ड मालिकों का जिक्र है। उन्होंने 1970 में इमारत खरीदी थी। इसके अलावा शेयर होल्डर ने मालिकों और नाइलिट के बीच हुए किराये की डीड भी पुलिस को दिखाई। इसमें इमारत के रखरखाव समेत अन्य चीजें नाइलिट को दे रखी थी। शेयर होल्डर ने कहा कि इमारत में नाइलिट के अधिकारी मनमर्जी से काम करवाते थे।
पुलिस ने बाकी नौ शेयर होल्डर के बयान दर्ज करने के लिए सभी को नोटिस किया है। ताकि, उनसे भी इमारत के बारे में पूछताछ कर बयान दर्ज कर सके।
नाइलिट के अधिकारियों से होगी पूछताछ
बिल्डिंग के ब्रेसमेंट में डीजल स्टोर करने के मामले में पुलिस जल्द ही नाइलिट के अधिकारियों और कर्मचारियाें से पूछताछ करेगी। पुलिस पता करेगी कि किस के कहने पर ब्रेसमेंट में डीजल स्टोर किया गया था। ब्रेसमेंट की चेकिंग की जिम्मेदारी किसी की थी और कब चेकिंग की गई थी।
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इमारत के चारों तरफ पुलिस तैनात
नाइलिट इमारत के चारों तरफ पुलिस जवानों ने घेराबंदी की हुई है। चार दिन से चंडीगढ़ पुलिस के जवान इमारत के चारों तरफ डटे हुए हैं। इसके अलावा घटनास्थल पर दो-दो डीएसपी को तैनात कर रखा है। पुलिस को शक है कि नाइलिट के साथ वाली इमारत भी गिर सकती है।