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कोरोना के दस माह : 24 घंटे जांच और मोबाइल जांच सुविधा से चंडीगढ़ ने जीत की तरफ बढ़ाए कदम

Wed, 06 Jan 2021 01:09 PM IST
निवेदिता वर्मा वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ में बापूधाम में तैनात डॉक्टरों की टीम। - फोटो : फाइल फोटो
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कोरोना संक्रमण के पूरे दस महीने बीत चुके हैं। मार्च में शुरू हुआ युद्ध अब अंतिम दौर में है। उम्मीद है कि कुछ ही दिनों में टीकाकरण के साथ इस महामारी को खत्म करने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। लेकिन बीते दस महीनों में जो हुआ, उसे शायद ही कभी कोई भूल पाएगा। 
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चंडीगढ़ में 320 से ज्यादा लोगों को कोरोना की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी। लोग घरों में कैद हो गए। उनका कोई लेखा-जोखा नहीं है, जो कैंसर व किडनी की बीमारी से पीड़ित थे और इस कोरोना काल में वे भी अपनों का साथ छोड़ गए। इतनी मुसीबते आने के बावजूद चंडीगढ़ के लोग डटकर खड़े रहे। प्रशासन का भरपूर साथ दिया और इसी के बदौलत जंग जीतने के करीब पहुंच गए हैं।

सितंबर में हुई सबसे ज्यादा मौतें
कोरोना संक्रमण में सितंबर माह सबसे खतरनाक गुजरा। एक माह में सबसे ज्यादा 105 मरीजों की मौत हुई। इस एक माह में हुई मौतें बाकी नौ महीनों में हुई मौतों से ज्यादा है। इस 1 महीने में हुई मौतों ने स्वास्थ्य विभाग के साथ ही प्रशासन की नींदे उड़ा दी। तमाम उपायों के बावजूद भी मौतों पर काबू न मिलने से स्थिति भयावह होती जा रही थी।
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18 मार्च को आया था पहला केस
  • शहर में 18 मार्च को सेक्टर 21 निवासी एक युवती में कोरोना की पुष्टि हुई। शहर में यह पहला पॉजिटिव केस था। उस लड़की से संक्रमण की चेन उसके रसोइए, मां और उसके एक दोस्त तक पहुंची, जो धीरे धीरे आगे बढ़ती गई।
  • 24 अप्रैल को बापूधाम में पहला पॉजिटिव केस मिला। उस मरीज ने सबसे पहले अपने परिवार के सभी सदस्यों को संक्रमित किया। उसके बाद देखते देखते पूरा क्षेत्र संक्रमण के दायरे में आ गया। 
  • बापूधाम के उस संक्रमित मरीज ने घर में समारोह आयोजित कर अपने मोहल्ले के साथ ही अन्य क्षेत्रों व सेक्टरों में बसे अपने सगे-संबंधियों को भी बुला लिया। जिससे कोरोना की चेन देखते ही देखते सैकड़ों में बदल गई।
सबसे पहला हॉटस्पॉट बना बापूधाम
चंडीगढ़ में सबसे पहले बापूधाम को हॉटस्पॉट घोषित किया गया। उसके बाद मनीमाजरा, मौली जागरां और सेक्टर 45 में भी स्थिति गंभीर हो गई। प्रशासन को संक्रमण की रफ्तार रोकने के लिए इन क्षेत्रों को भी हॉटस्पॉट घोषित करना पड़ा।

49 से ज्यादा ने किया प्लाज्मा दान
कोरोना को मात देने के बाद शहर के 49 से ज्यादा लोगों ने प्लाज्मा दान किया है। इनमें से कई ऐसे महादानी भी है जो दो से तीन बार प्लाज्मा दे चुके हैं। इस कार्य में रक्तदान अभियान चलाने वाली कई संस्थाओं के युवा बढ़ चढ़कर सहयोग कर रहे हैं।

मई-जून की गर्मी में पीपीई किट ने दिया जख्म
कोरोना के मरीज का इलाज करने के दौरान पीपीई किट पहनना मई और जून में बेहद कष्टकारी रहा। उस दौरान झुलसा देने वाली गर्मी के बीच पीपीई किट में घंटों मरीजों की देखभाल और इलाज करने वाले डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के चेहरे और शरीर पर गंभीर जख्म भी दिए। सबसे ज्यादा परेशानी पीजीआई के कोविड अस्पताल में ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को उठानी पड़ी। दर्जनों लोगों के गाल, नाक और सिर पर गहरे जख्म हुए, लेकिन उसके बाद भी उन्होंने लगातार ड्यूटी की। 

 

ऐसे जीती जंग

हॉट स्पॉट एरिया में 24 घंटे शुरू की जांच
हॉटस्पॉट बन चुके बापूधाम में संक्रमण की चेन कमजोर करने के लिए 24 घंटे जांच की सुविधा शुरू की गई। इसके अलावा वहां डॉक्टरों की टीम भी तैनात की गई। प्रशासन ने स्थिति को काबू में करने के लिए वहां फोर्स भी लगाई। और संक्रमित लोगों को धर्मशाला में क्वारंटीन करना शुरू किया।

जांच केंद्रों की बढ़ाई गई संख्या
पीजीआई के साथ ही जीएमसीएच 32 और जीएमएसएच 16 में जांच की सुविधा शुरू की गई। आरटीपीसीआर के साथ ही रैपिड एंटीजन टेस्ट की व्यवस्था की गई । जिससे कम समय में ज्यादा स्क्रीनिंग हो सके।

होम क्वारंटीन पर रखी चौकस नजर
होम क्वारंटीन मरीजों के बेहतर फॉलोअप के लिए निदेशक स्वास्थ्य ने जोन के हिसाब से चिकित्सा अधिकारियों को मरीजों की जिम्मेदारी सौंपी। इसके साथ ही खुद रेंडम चेकिंग भी की। हेल्प डेस्क के जरिए भी उन मरीजों का लगातार फॉलोअप लिया जा रहा है।

टारगेट सैंपलिंग के लिए शुरू की मोबाइल जांच सुविधा
टारगेट सैंपलिंग के लिए 5 मोबाइल टीम सेवाएं शुरू की गई। जिसके अंतर्गत सेक्टर 17 स्थित बस स्टैंड, चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन, सेक्टर 26 स्थित पुलिस हॉस्पिटल पर नियमित जांच की सुविधा देने के साथ ही ऑन कॉल मोबाइल टीमों से कोरोना जांच की व्यवस्था की गई है।

पीजीआई के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ ही अन्य कर्मचारियों की मेहनत लगन और सहयोग के बल पर ही कोरोना से जंग लड़ना संभव हो पाया है। पीजीआई की टीम ने दिन रात का फर्क किए बिना अपने परिजनों से दूर रहकर कोरोना के मरीजों का इलाज और सेवा की है। मुझे अपनी टीम पर गर्व है। उनके साथ के बल पर ही यह जीत संभव हो पा रही है। - प्रो. जगतराम, निदेशक, पीजीआई

स्वास्थ्य विभाग की टीम के मेहनत का ही परिणाम है जो कोरोना पर काबू संभव हो पाया है । इस सफलता में जनता का भी बराबर का सहयोग रहा है। अगर जनता जागरूक न होती तो संक्रमण पर काबू पाना संभव नहीं होता। अब टीकाकरण में भी जागरूकता की जरूरत है। बिना किसी पूर्वाग्रह के टीकाकरण अभियान को भी एक साथ मिलकर सफल बनाना होगा तभी हम कोरोना महामारी को पूरी तरह मिटा पाएंगे। - डॉ. अमनदीप कौर कंग, निदेशक, स्वास्थ्य

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चंडीगढ़ में अब तक
  • कुल टेस्ट - 184844
  • कुल पाजिटिव 19936
  • अब तक ठीक हो चुके मरीज- 19348
  • अब तक हुई कुल मौतें- 321
  • संक्रमित पुरुषों की संख्या- 11768
  • संक्रमित महिलाओं की संख्या- 8168
  • संक्रमित बच्चों की संख्या- 1321

माह          मरीज        मौत    ठीक हुए मरीज
मार्च            16           0               1
अप्रैल           71           0              18
मई              206         4              192
जून             151          2              184
जुलाई          642         12             375
अगस्त        3449         42           1886
सितंबर       7672         105          7142
अक्टूबर      2213          65            3857
नवंबर         3058          54             2472
दिसंबर        2323          35             3033
जनवरी         135             2               188


अस्पतालों का स्टाफ भी आया चपेट में 
  • पीजीआई   - 994
  • जीएमसीएच 32  -105
  • जीएमएसएच 16   - 145
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