कंपनी सेक्टर-34 में स्थापित कर रही हेल्पलाइन सेंटर
एमिनेंट इलेक्ट्रिसिटी पिछले कई महीनों से बिजली विभाग के कार्यों को देख रही है और अपनी तैयारी कर रही थी। उन्होंने सभी सब-डिवीजन कार्यालयों का दौरा किया। हेल्पलाइन सेंटर भी गए और कर्मचारियों से बात की है। बिजली की शिकायतों के लिए कंपनी अब नए हेल्पलाइन नंबर जारी करेगी। सेक्टर-34 में एक ऑफिस भी बनाया जा रहा है। इसके अलावा, एक ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली भी लांच की जाएगी। हालांकि, यह संशय बना हुआ है कि वर्तमान में हेल्पलाइन सेंटरों पर काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों का क्या होगा, क्या उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा या नहीं।
एक महीने का वेतन बोनस देने की घोषणा
यूनियन नेताओं, निजी कंपनी के प्रतिनिधियों और चंडीगढ़ प्रशासन के बीच वार्ता के बाद शुक्रवार को यूटी पावरमैन यूनियन ने हड़ताल वापस ले ली है। बैठक के दौरान कंपनी ने यूनियन द्वारा प्रस्तावित कई सेवा शर्तों पर सहमति जताई। अगले तीन से चार दिनों में आधिकारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त कंपनी ने कर्मचारियों के लिए एक महीने का वेतन बोनस देने की घोषणा की है।
सात कंपनियों को पछाड़ एमिनेंट से विभाग खरीदा
बिजली विभाग को खरीदने के लिए एमिनेंट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने 871 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी, जिसे मई 2022 में केंद्रीय कैबिनेट ने आखिरी मंजूरी दी थी। प्रशासन ने पांच साल पहले निजीकरण की प्रक्रिया शुरू की थी। विभाग को खरीदने की दौड़ में कुल सात कंपनियां थीं। इनमें एमिनेंट के अलावा अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड, टाटा पावर, टोरेंट पावर, स्टरलाइट पावर, रिन्यू विंड एनर्जी और एनटीपीसी इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी लिमिटेड शामिल थीं।