चंडीगढ़ जिला अपराध प्रकोष्ठ ने छह महीने में 30 ड्रग्स तस्करों से 7 करोड़ रुपये की ड्रग्स और 9 बदमाशों से 12 गन और 22 कारतूस बरामद किए हैं। जिला अपराध प्रकोष्ठ ने अब तक कुल 84 केस दर्ज किए हैं। इनमें एनडीपीएस के 33, आर्म्स एक्ट के 6, जुए सट्टे के 26, अवैध शराब तस्करी के 14, इमिग्रेशन फ्रॉड का एक और धोखाधड़ी के तीन केस दर्ज किए। इन केसों में पुलिस ने लगभग 55 किलो गांजा, एक किलो 695 ग्राम अफीम, डेढ़ किलो हेरोइन, दो किलो चरस, साढ़े आठ किलो चूरा पोस्त, दो ग्राम आईस, 740 ग्राम डोडे और 60 टीके बरामद किए।
जिला अपराध प्रकोष्ठ ने 22 अप्रैल को चंडीगढ़ पुलिस की वर्दी पहनकर घूम रहे नकली सब इंस्पेक्टर और महिला सिपाही को गिरफ्तार किया था। आरोपियों की पहचान तेजिंदर सिंह (24) निवासी अंबाला सेक्टर-8 स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और कंचन (25) निवासी डेराबस्सी जीबीपी ईको ग्रीन 2 के रूप में हुई। पुलिस को उनके पास से चंडीगढ़ पुलिस के सात फर्जी आईडी कार्ड, नंबर प्लेट और 14 लेटर हेड बरामद हुए थे। आरोपी सिपाही की नौकरी लगवाने के लिए चार लाख, होमगार्ड के लिए दो लाख रुपये लेते थे। आरोपी दो साल से पुलिस की वर्दी पहनकर शहर में घूम रहे थे।
जिला अपराध प्रकोष्ठ ने 20 जनवरी को सेक्टर-40 निवासी पूनम और दिल्ली के नरेला निवासी संदीप खत्री को गिरफ्तार कर 610 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि दक्षिण अफ्रीका का एक साथी उन्हें दिल्ली में नशे की खेप उपलब्ध करवाता था। पुलिस औद्योगिक क्षेत्र-1 में पंजाब रोडवेज वर्कशॉप के सामने वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान पुलिस ने दिल्ली नंबर की स्विफ्ट कार को रुकने का इशारा किया तो कार चालक ने भागने की कोशिश की। अचानक कार बंद हो गई और जब कार को चेक किया गया तो 610 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
जिला अपराध प्रकोष्ठ ने 30 मई को आईपीएल मैच में सट्टा लगाने के बाद पैसों का लेने देन कर रहे दो सट्टेबाजों को सेक्टर-38 स्थित एक प्राइवेट स्कूल के पास से गिरफ्तार किया था। आरोपियों से 17 लाख 47 हजार 500 रुपये बरामद किए। आरोपियों की पहचान सेक्टर-63 निवासी राजू थापा और हितेश हंस के तौर पर हुई है। इस मामले में सेक्टर-45 निवासी मुख्य आरोपी संजय खुराना अभी भी फरार है।
चंडीगढ़ पुलिस की सभी यूनिटें काफी अच्छा काम कर रही हैं। तालमेल बनाकर अपराधियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। अपराध पर शिकंजा कसने के लिए ही जिला अपराध प्रकोष्ठ का गठन किया गया था। हमारा मकसद केवल अपराध को रोकना और अपराधियों पर शिकंजा कसना है। -प्रवीर रंजन, डीजीपी