एक सप्ताह के भीतर चेन स्नैचिंग की दो वारदातों को अंजाम देने वाले युवक को चंडीगढ़ जिला अदालत ने दोषी करार देते हुए दोनों मामलों में 5-5 साल की सजा सुनाई है। दोषी की पहचान दिलशाद मलिक के तौर पर हुई है। अदालत ने दोषी के खिलाफ अलग-अलग मामलों में 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सरकारी वकील जेपी सिंह ने अदालत में दलील दी कि शहर में स्नैचिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं। दोषी ने स्नैचिंग की एक नहीं बल्कि दो वारदातों को अंजाम दिया है। ऐसे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। इसलिए दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि ऐसी आपराधिक वारदातों पर लगाम लग सके।
डेढ़ साल पहले वारदात को दिया था अंजाम
पहली वारदात सात अप्रैल 2023 को सेक्टर-46डी निवासी खुशबू के साथ हुई थी। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपने 13 साल के बेटे के साथ सेक्टर-46 की किसान मंडी से सब्जियां खरीदकर लौट रही थीं। इसी बीच सफेद रंग की एक्टिवा पर आए एक झपटमार ने उसकी सोने की चेन झपट ली और फरार हो गया। आरोपी ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था। खुशबू ने उसे पहचानने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान कर गिरफ्तार कर लिया था।
छह दिन बाद की थी दूसरी वारदात
दूसरी वारदात 13 अप्रैल 2023 को सेक्टर 45-ए की निवासी मर्लीमोल एंटनी के साथ हुई थी। उन्होंने पुलिस को शिकायत दी थी कि वारदात वाले दिन एक युवक काले रंग की एक्टिवा पर आया और सोने का हार झपटकर भाग गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चेन बरामद कर ली थी।
नशा तस्करी के दोषी को 10 साल की सजा
वहीं एक अन्य मामले में जिला अदालत ने 36 नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार श्याम सुंदर निवासी धनास को 10 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। सेक्टर-36 थाना पुलिस ने अप्रैल 2019 में एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज किया था। अदालत में सुनवाई के दौरान एएसआई सुरिंदर सिंह ने बताया कि 15 अप्रैल 2019 को सेक्टर-53 स्थित जंगल एरिया के पास पुलिस ने नाका लगा रखा था। इसी बीच शक के आधार पर एक व्यक्ति के थैले की जांच करने पर 36 नशीले इंजेक्शन मिले थे। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच कर केस दर्ज किया था।