चंडीगढ़। टीकों को सुरक्षित रखने के लिए चंडीगढ़ ने कोल्ड चेन प्रबंधन में नया मॉडल तैयार किया है। स्वास्थ्य विभाग के आइस पैक कंडीशनिंग स्टेशन को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सराहा है। इसे राष्ट्रीय पत्रिका इंडिया इम्यूनाइजेशन अपडेट में भी प्रकाशित किया गया है। विभाग के अनुसार, चंडीगढ़ देश में इस तरह का मॉडल तैयार करने वाला पहला राज्य है। इसे अन्य राज्यों में भी लागू करने की तैयारी है।
राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि टीकों को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखना जरूरी होता है। वैक्सीन कैरियर में रखे जाने वाले आइस पैक डीप फ्रीजर में माइनस तापमान पर जमाए जाते हैं। इन्हें सीधे कैरियर में रखने पर तापमान 2 डिग्री से नीचे जा सकता है, जिससे कुछ टीके जमकर खराब हो सकते हैं।
इस खतरे को कम करने के लिए चंडीगढ़ ने चार मंजिला स्टेनलेस स्टील का कंडीशनिंग स्टेशन बनाया है। इसमें एक बार में 36 आइस पैक को निर्धारित तापमान के लिए तैयार किया जा सकता है। पहले कई स्वास्थ्य केंद्रों में आइस पैक को टेबल या वॉश बेसिन में रखकर कंडीशन किया जाता था, जिससे स्वच्छता और जगह की समस्या रहती थी।
नए मॉडल में पानी की निकासी, चारों तरफ हवा के प्रवाह और साफ-सफाई की व्यवस्था है। पहियों के कारण इसे आसानी से स्थानांतरित भी किया जा सकता है। विभाग के अनुसार इससे प्रक्रिया तेज होगी और वैक्सीन के दूषित होने या जरूरत से ज्यादा ठंडे होने का खतरा कम होगा।