चंडीगढ़। नगर निगम सदन ने मंगलवार को सेक्टर-17 की 20 पेड पार्किंग और एक मल्टीलेवल पार्किंग ठेकेदार को देने का एजेंडा पास कर दिया। पार्किंग स्मार्ट नहीं बनेगी और मौजूदा व्यवस्था के तहत ही चलेगी। पार्किंग स्थलों का रिजर्व प्राइस दो करोड़ रुपये रखा गया है। करीब साढ़े तीन साल बाद पार्किंग ठेकेदार के हवाले होगी। मेयर सौरभ जोशी ने पहले एजेंडा डैफर कर दिया था, लेकिन निगम कमिश्नर के कहने पर इसे पास किया गया। पार्किंग शुल्क में बदलाव नहीं होगा। दोपहिया के लिए सात और चार पहिया के लिए 15 रुपये शुल्क रहेगा। ठेकेदार को एंट्री-एग्जिट पर केबिन बनाने होंगे। शुल्क मशीन से लिया जाएगा और पार्किंग में लाइटिंग व सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
करीब साढ़े तीन साल पहले पाश्चात्य इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड पर सात करोड़ रुपये पार्किंग फीस बकाया थी। निगम ने 1.67-1.67 करोड़ रुपये की दो बैंक गारंटी जांचीं तो फर्जी मिलीं। छह मार्च 2023 को कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। बाद में मामला सीबीआई पहुंचा और कंपनी के डायरेक्टर गिरफ्तार हुए। निगम को अब तक फीस नहीं मिली है। तब से सभी 87 पेड पार्किंग आउटसोर्स कर्मचारियों के सहारे चल रही हैं।
सड़क किनारे मीट बिक्री पर रोक
सदन ने मीट, फिश एंड पोल्ट्री बाईलॉज-2026 की प्रस्तावित अधिसूचना को मंजूरी दी। सड़क किनारे मीट, फिश और पोल्ट्री की बिक्री तथा खुले या दुकान के भीतर स्लॉटरिंग पर रोक होगी। गाय का मीट बेचने और काटने पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। मेयर सौरभ जोशी और कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने सख्त प्रावधान की मांग की। निगम की मंजूरी के बिना बिक्री पर लाइसेंस रद्द करने के साथ जुर्माना लगेगा। खोखे में बिक्री का लाइसेंस नहीं मिलेगा। इसके लिए 8x8 फुट की दुकान, टाइल और पानी निकासी की व्यवस्था जरूरी होगी। बिक्री का पूरा हिसाब रजिस्टर में दर्ज करना होगा।