एयर इंडिया (फाइल फोटो)
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6 सितंबर 2018 को वह तड़के 3.50 बजे के करीब नई दिल्ली पहुंचे। यहां से उन्होंने चंडीगढ़ के लिए फ्लाइट लेनी थी जो सुबह 5.55 पर रवाना होनी थी। उन्होंने कहा कि बोर्डिंग पास लेने के बाद वह अन्य यात्रियों के साथ फ्लाइट में जाकर बैठ गए लेकिन फ्लाइट काफी समय बीत जाने के बाद भी उड़ान नहीं भरी, जबकि क्रू मेंबर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस दौरान तंग होने के बाद यात्रियों को बताया गया कि 6.30 के करीब प्लेन रवाना होगा, जबकि इस देरी के लिए कोई कारण उन्हें बताया गया।
इसके बाद भी काफी समय बीत जाने के बाद उन्हें बताया गया कि डिपार्चर टाइम बदला गया है, इसलिए उन्हें नए बोर्डिंग पास जारी किए जाएंगे। पुराने पास लेने के बाद उन्हें नए बोर्डिंग पास जारी किए गए, जिन पर डिपार्चर टाइमिंग सुबह 8 बजे का था लेकिन इसके बाद भी फ्लाइट लेट हो गई। इसके चलते घंटों इंतजार में सभी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुबह 10.45 बजे उन्हें दोबारा फ्लाइट में बैठाया गया लेकिन इस बार भी फ्लाइट ने उड़ान नहीं भरी। इस कारण उन्हें मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ा, क्योंकि घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें सही जवाब नहीं मिला। इसके बाद दोबारा उन्हें बिना कोई कारण बताए दोपहर 12.30 बजे डिपार्चर की बात कही गई। कोई विकल्प न मिलने के चलते शिकायतकर्ता ने नई दिल्ली से अपने सफर के लिए 4 हजार 25 रुपये में जेट एयरवेज की टिकट खरीदी और किसी तरह चंडीगढ़ पहुंचे।
इसके बाद उन्होंने इस संबंध में फोरम में शिकायत दी। हालांकि एयर इंडिया ने फोरम में जवाब दिया कि टेक्निकल कारणों के चलते फ्लाइट लेट हुई, जिसे ठीक करने में काफी समय लग गया। फोरम इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और एयर इंडिया को सेवा में कोताही का दोषी पाया।