गैस सिलेंडर की आपूर्ति रोकने पर उपभोक्ता फोरम ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम और गैस एजेंसी को सेवा मे कोताही का दोषी करार दिया है।
उपभोक्ता फोरम ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम और गैस एजेंसी को निर्देश दिया है कि वे संयुक्त रूप से शिकायतकर्ता को तुरंत एलपीजी गैस कनेक्शन रिलीज करे। साथ ही सेवा में कोताही के लिए 25 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करें। यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 के सदस्य सुरेश कुमार सरदाना ने सुनवाई के बाद दिया है।
शिकायतकर्ता दविंदर कुमार निवासी मिल्क कालोनी धनास ने सेक्टर-19 स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड और सेक्टर-25 वेस्ट स्थित द चंडीगढ़ गैस एजेंसी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी। दविंदर कुमार ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि वह वर्ष 2009 से द चंडीगढ़ गैस एजेंसी के रजिस्टर्ड एलपीजी कंज्यूमर हैं। वे लगातार 25 जनवरी 2015 तक इसकी रीफिलिंग भी कराते रहे हैं।
द चंडीगढ़ गैस एजेंसी ने गैस सिलेंडर की आपूर्ति यह कह कर रोक दी कि एक ही एड्रेस पर दो गैस कनेक्शन नहीं हो सकते। शिकायतकर्ता ने गैस एजेंसी को बताया कि उनके नाम पर केवल एक ही गैस कनेक्शन है। इस संबंध में कई बार गैस एजेंसी के चक्कर लगाए लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उक्त मकान नंबर पर अलग अलग नामों पर पांच एलपीजी गैस के कनेक्शन थे। चार कनेक्शन शिकायतकर्ता और उनके परिवार के थे जबकि एक कनेक्शन दूसरे का था। एक ही मकान नंबर पर कई लोगों के नाम से गैस कनेक्शन होने से ऑटोमैटिक गैस का कनेक्शन बंद हो गया। उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है। गैस एजेंसी ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने भी सेवा में कोताही नहीं की है।