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चंडीगढ़ में मेयर के घर बजे ढोल: बैकफुट पर आया निगम, चार घंटे में लोगों को शर्मिंदा करने का फैसला लिया वापस

Wed, 19 Nov 2025 10:34 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ नगर निगम द्वारा सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ सख्ती के तहत घर-घर जाकर ढोल बजाने और चालान करने की कार्रवाई अब विवादों में घिर गई है। 
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घर के बाहर लोगों से बात करते भाजपा नेता देवेंद्र बबला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ में सार्वजनिक स्थल पर कूड़ा फेंकने पर लोगों के घर के बाहर ढोल बजाकर शर्मिंदा करने की कार्रवाई के विरोध में बुधवार सुबह मेयर के आवास के बाहर कांग्रेसियों के कूड़ा लेकर ढोल बजाने के बाद नगर निगम को अपना फैसला वापस लेना पड़ा। इस पूरे मामले को अमर उजाला ने प्राथमिकता से उठाया था।

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मेयर हरप्रीत कौर बबला और नगर आयुक्त अमित कुमार के बीच करीब चार घंटे चली बैठक में निर्णय लिया गया कि ढोल बजाने की कार्रवाई पर फिलहाल पूरी तरह रोक रहेगी। कूड़ा फैलाने वालों के वीडियो बनाकर व्हाट्सएप ग्रुप में भेजने की व्यवस्था भी बंद कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, बढ़ते विरोध को देखते हुए प्रशासक गुलाबचंद कटारिया से भी इस विषय पर चर्चा हुई। उन्होंने भी फिलहाल इस कदम को रोकने की सलाह दी।

आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि हमारा उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना था, अपमान करना नहीं लेकिन इसे गलत तरीके से लिया गया, इसलिए इसे अभी रोक रहे हैं। मेयर बबला ने बताया कि जब यह व्यवस्था लागू की गई थी, तब ही कहा गया था कि लोगों को ठीक न लगे तो पुनर्विचार किया जाएगा। अब विरोध को देखते हुए इसे रोकना जरूरी हो गया।
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अब जागरूकता के लिए नई रणनीति
निगम अब ढोल की जगह 20 लोगों की टीम बनाएगा, जो घर-घर जाकर गीला व सूखा कूड़ा अलग करने की अनिवार्यता, जुर्मानों की जानकारी और स्वच्छता के नियम बताएगी। निगम प्रशासन का कहना है कि जागरूकता जारी रहेगी लेकिन अपमानजनक तरीके नहीं अपनाए जाएंगे।

कांग्रेस का मेयर आवास पर विरोध...वीडियो बना लाया हूं, इनाम दो
सुबह कांग्रेस कार्यकर्ता डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड का कूड़ा और ढोल लेकर मेयर के आवास पर पहुंचे और ढोल बजाकर विरोध शुरू कर दिया। कांग्रेसियों ने तंज कसा कि डंपिंग जोन की गंदगी की जिम्मेदार मेयर खुद हैं, हमने वीडियो बना लिया है… अब ढाई सौ रुपये इनाम दिया जाए। हंगामे के दौरान मेयर के पति और भाजपा नेता देवेंद्र बबला बाहर आए और विरोध को गलत बताया। उन्होंने कहा कि यह घर मेरा है, मेयर का नहीं। इस पर महिला कांग्रेस सचिव ममता डोगरा ने जवाब दिया कि मेयर भी यहीं रहती हैं तो नियम सब पर लागू होने चाहिए। करीब 40 मिनट तक माहौल तनावपूर्ण रहा, जिसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता लौट गए।
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क्राफ्ड और आरडब्ल्यूए ने भी जताया विरोध
यह विरोध केवल कांग्रेस तक सीमित नहीं रहा। भाजपा के पूर्व सांसद सत्यपाल जैन, क्राफ्ड, चंडीगढ़ व्यापार मंडल, सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी, और कई आरडब्ल्यूए ने भी इसे गैरकानूनी और अमानवीय बताया। सत्यपाल जैन ने चेतावनी दी थी कि ऐसा अभियान मानहानि का मामला बन सकता है। उधर, जिन दो घरों पर ढोल बजाया गया था, उनका कहना है कि निगम की कार्रवाई से परिवार मानसिक तनाव में है।

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