ब्रेन ऑफ पंजाब एंड हरियाणा यानी कैपिटल कांप्लेक्स अधिकारियों की विजिट के साथ पब्लिक के लिए ओपन हो गया। आर्किटेक्ट ली कार्बूजिए की इस अनोखी दिमागी उपज को देख अधिकारी गदगद हो गए। एडवाइजर विजय कुमार ने अधिकारियों की विजिट को लीड किया।
प्रोफेशनल गाइड निधि बंसल और चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर के स्टूडेंट्स ने अधिकारियों की टीम को कैपिटल कांप्लेक्स की बारीकि से जानकारी दी। एडवाइजर ने बिल्डिंग्स और मॉन्यूमेंट्स को उत्सुकता से तो जाना ही उनमें किए जाने वाले जरूरी कामों के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए।
बीच-बीच में वह अधिकारियों से इस बारे में बात भी करते रहे। सबसे पहले पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की विजिट की। हाईकोर्ट बिल्डिंग के बारे में जानने के बाद उन्होंने चीफ जस्टिस कोर्ट को भी देखा। कोर्ट में कार्बूजिए द्वारा तैयार किया गया कोर्ट रूम का टैपेस्ट्री यानी कपड़े पर बना डिजाइन आज भी दीवार पर लगाया गया है।
इसके बाद अधिकारियों ने ओपन हैंड मॉन्यूमेंट विजिट किया। इसके बाद टावर ऑफ शैडो पहुंच अधिकारियों ने इसकी जानकारी ली। गाइड निधि ने बताया कि सूरज की रोशनी को ध्यान में रखकर इसे डिजाइन किया गया है। दिन में किसी भी टाइम इसमें धूप प्रवेश नहीं करती।
15 अप्रैल से पर्यटक कर सकेंगे विजिट
15 अप्रैल से टूरिस्ट
सेंटर पर कॉमन पास बनवाने के बाद आम लोग भी मक्का ऑफ आर्किटेक्ट कैपिटल
कांप्लेक्स का दौरा कर सकेंगे। इसके लिए टूरिज्म विभाग की आधिकारिक वेबसाइट
पर विजिट कर ऑनलाइन भी पास बनवाया जा सकता है।
सबको भाई विधानसभा की भव्यता
इसके बाद अधिकारियों की टीम ने विधानसभा का रुख किया। शिप के आकार का बाहरी डिजाइन देख अधिकारी अचंभित हुए। इसके बाद असेंबली के मुख्यद्वार पर सबकी नजरें जम गई। उस जमाने में यह दरवाजा स्पेशल फ्रांस से मंगवाया गया था। दरवाजे के आकार और उस पर कार्बूजिए द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स ने सभी का ध्यान खींचा।
अंदर प्रवेश करने के बाद पहले पंजाब विधानसभा में टीम ने प्रवेश किया। गुंबद को देख हर कोई दंग रह गया। फिर हरियाणा विधानसभा देखी। जो दोनों राज्यों के पार्टिशियन से पहले अपर हाउस हुआ करती थी। कई अधिकारियों ने चुटकी लेते हुए कहा कि आखिर उन्होंने भी आज इस बिल्डिंग में प्रवेश कर लिया।
सेक्रेट्रिएट पर सेल्फी लेने से नहीं रोक पाए खुद को
आखिर में कैपिटल कांप्लेक्स की रीढ़ यानी पंजाब हरियाणा सेक्रेट्रिएट का रुख किया। गाइड निधि ने जैसे ही 10वीं मंजिल तक सीढ़ियों से जाने का ऐलान किया तो कइयों की सांसे फूल गईं। हालांकि बाद में लिफ्ट से 10वीं मंजिल पहुंचे।
सीढ़ियों से टेरिस पर जाया गया। जहां से पूरे चंडीगढ़ का व्यू देख हर कोई खुशी से भर गया। व्यू देख अधिकारी तक सेल्फी और फोटो खिंचवाने से अपने को रोक नहीं पाए। इसके बाद कैफेटेरिया में हाई टी हुई और फिर टूरिस्ट इंफोर्मेशन सेंटर को वापसी हुई।
स्टूडेंट्स और सिटिजंस को मिलेगी प्रेरणा
एडवाइजर देव ने कहा कि अभी तक अधिकतर लोग रॉक गार्डन और रोज गार्डन की विजिट करते थे। लेकिन अब कैपिटल कांप्लेक्स का दौरा कर स्टूडेंट्स सीख सकेंगे। वर्ल्ड क्लास बिल्डिंग्स केबारे में जान सकेंगे।