मल्टीलेवल पार्किंग चलाने के लिए सेक्टर-17 की दो प्रमुख पार्किंग (साहिब सिंह और इंपायर स्टोर पार्किंग) बंद करने के प्रस्ताव के खिलाफ चंडीगढ़ बिजनेस प्रमोशन काउंसिल खुलकर सामने आ गई है। काउंसिल ने बुधवार को प्रशासन और निगम अधिकारियों से मिलकर एक प्रपोजल भी दी है।
उस प्रपोजल के अनुसार कहा गया है कि ये दोनों पार्किंग स्थल सुबह 11:30 बजे तक बंद रखे जाएं, जबकि उसके बाद ये स्थल शॉपिंग के लिए आने वाले ग्राहकों के लिए खोले जाएं। प्रपोजल में यह भी कहा गया है कि व्यापारी और कर्मचारी अपने वाहन मल्टीलेवल पार्किंग में पार्क कर देंगे। काउंसिल ने यह प्रपोजल सलाहकार परिमल रॉय, चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद, मेयर अरुण सूद, कमिश्नर बी पुरुषार्था और मुख्य वास्तुकार को दिया। सलाहकार ने तो प्रपोजल को अच्छा कहा, लेकिन कमिश्नर ने व्यापारियों के प्रपोजल को मानने से इंकार कर दिया।
कमिश्नर का मानना था कि अगर ये दोनों पार्किंग बंद न की गईं तो मल्टीलेवल पार्किंग नहीं चलेगी। अधिकारियों को मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में अरविंदर गुजराल, सुभाष गुलाटी प्रवीण गुलाटी, अश्वनी कुकरेजा सहित अन्य व्यापारी भी मौजूद थे। मालूम हो कि सेक्टर-17 ई में साहिब सिंह और इंपायर स्टोर पार्किंग हैं जिन्हें बंद करने का फैसला 22 अप्रैल को होने वाली वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक में लिया जाएगा। जबकि अन्य एरिया की व्यापारी एसोसिएशन इन दोनों पार्किंग को बंद करने के समर्थन में है।
टंडन से मिलेंगे व्यापारी
काउंसिल के अध्यक्ष नीरज बजाज का कहना है कि वीरवार को व्यापारियों का प्रतिनिधि मंडल भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन को भी मिलने जा रहा है। बजाज का कहना है कि पहले से चल रही फ्रेंडली पार्किंग बंद नहीं होनी चाहिए। मल्टीलेवल पार्किंग को चलाने के लिए व्यापारी भी मदद करने के लिए तैयार हैं। बजाज का कहना है कि अधिकारियों को उन्होंने प्रपोजल दिया है जिसकी सलाहकार ने तारीफ भी की है।
व्यापारियों के प्रपोजल पर किया जाएगा विचार
मेयर अरुण सूद का कहना है कि सेक्टर-17 के बिजनेस काउंसिल के व्यापारी उनसे मिले थे, उन्होंने जो प्रपोजल दिया है उस पर 22 अप्रैल को होने वाली अनुबंध कमेटी की बैठक में चर्चा की जाएगी। उनका कहना है कि उनका मकसद किसी को परेशान करना नहीं है।
वित्त एवं अनुबंध कमेटी के सदस्य एवं कांग्रेस पार्षद सुभाष चावला का कहना है कि मल्टीलेवल पार्किंग को चलाने के लिए दोनों प्रमुख पार्किंगों को बंद करना ठीक नहीं है। उनका कहना है कि इससे पार्किंग की समस्या कम होने की बजाए बढ़ेगी। उनका कहना है कि इंपायर और साहिब सिंह पार्किंग में इस समय 1200 वाहनों की क्षमता है जबकि मल्टीलेवल पार्किंग में 950 कारें ही पार्क हो सकती हैं।