चंडीगढ़ व्यापार मंडल के नए अध्यक्ष अनिल बोहरा
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चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने नगर निगम कमिश्नर और मेयर अरुण सूद के साथ बैठक की। जिसमें मार्केट्स के बंद पड़े पब्लिक टायलेट से लेकर पानी और पार्किंग की किल्लत के कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में व्यापारियों ने कहा कि नगर निगम हजारों फड़ी वालों को स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत लाइसेंस देने जा रहा है। जब तक सर्वे नहीं होता है तब तक नगर निगम ने उनके चालान बंद किए हुए हैं। इसके विपरीत दुकानदार अगर छोटा सा अतिक्रमण कर रहे हैं तो उनका चालान काटा जा रहा है। व्यापारियों ने कहा कि यह न्याय नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि इससे बाजारों में फड़ी वाले बढ़ गए हैं। व्यापारियों ने कहा कि उनके चालान पर भी पाबंदी लगनी चाहिए।
बैठक में कई मार्केट्स एसोसिएशन इस समय मार्केट की पब्लिक टायलेट का रख रखाव कर रही है। लेकिन इसके बावजूद निगम की ओर से हर माह मिलने वाली राशि एसोसिएशनों को नहीं मिल रही है। बैठक में व्यापारियों ने कहा कि किसी भी पर्व से पहले निगम तीन दिन तक ही बाजारों में स्टाल लगाने की मंजूरी देता है। ऐसे में यह दिन भी नोमिनल रेट पर बढ़ने चाहिए ताकि कारोबार बढ़े। व्यापारियों ने सामुदायिक केंद्र में शादियों के आयोजन में शादियों में शराब परोसने पर पाबंदी लगाई हुई है। इस बारे में प्रशासन के साथ मामला टेकअप कर फिर से मंजूरी देने की मांग की।
मालूम हो कि आबकारी विभाग शराब की मंजूरी देने पर नगर निगम को हर साल एक मुश्त शुल्क देने की मांग की है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल वोहरा ने कहा कि शहर पर स्मार्ट सिटी का टैग लग गया है। ऐसे में सभी मार्केट्स में नगर निगम को डस्टबिन उपलब्ध कराने चाहिए। वोहरा ने नगर निगम में मैरिज पैलेस का निर्माण करने की मांग की। व्यापार मंडल के चेयरमैन चरणजीव सिंह ने कहा कि बाजारों के आसपास नए पार्किंग स्थल बनाए जाने चाहिए, ताकि पार्किंग की दिक्कत दूर हो सके। सेक्टर-17 की तर्ज पर अन्य बाजारों में भी मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण करना चाहिए। व्यापार मंडल के महासचिव संजीव चड्ढा ने कहा कि शोरूमों के बरामदों में फड़ी वाले बैठ जाते हैं, जिस कारण पैदल चलने वाले ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जबकि व्यापार मंडल के संरक्षक दिवाकर सहूजा ने बाजारों में आ रही पानी की किल्लत का मामला उठाया।