किताबों का क्रेज अब भी बरकरार है। सेक्टर-17 स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित चंडीगढ़ बुक फेयर-2013 के दूसरे दिन किताबों के शौकीनों की खूब भीड़ उमड़ी।
ट्राइसिटी के लोग सुबह से शाम तक कोई दोस्तो, कोई परिवार तो स्कूली बच्चे अपने शिक्षकों के साथ बुक फेयर में पहुंचे। लोगों ने पसंद की किताबों की जमकर खरीदारी भी की।
देश भर से 80 पब्लिशर्स के अलावा स्थानीय बुक विक्रेताओं ने भी बुक फेयर में स्टॉल लगाए हैं। बुक फेयर के दूसरा दिन चिल्ड्रन डे के तौर पर मनाया गया।
सुबह से ही परेड़ ग्राउंड में ट्राइसिटी बच्चों के लिए स्किट, क्रिएिटवि राइटिंग जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। उधर, कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृति कार्यक्रम भंगड़े और डांस का लुत्फ भी उठाया। बुक फेयर में जोकर ने लोगों को खूब गुदगुदाया।
बच्चों के बुक स्टॉल पर सबसे अधिक भीड़
बुक फेयर में वैसे हाउस कीपिंग, मेडिटेशन, हास्पिटेलिटी, एडवेंचर, आर्येुवेद और सॉफ्टवेयर संबंधी सभी तरह की किताबें मौजूद हैं। लेकिन, दूसरे दिन सबसे अधिक भीड़ स्कूली बच्चों की बुक स्टॉल पर रही।
एस चांद स्टॉल के जसवंत सिंह ने बताया कि लोग बच्चों के लिए अंग्रेजी ग्रामर की किताबें अधिक खरीद रहे हैं। बुक फेयर में सीबीएसई सिलेबस की सीडी भी बच्चों के लिए खरीदी गई।
किताबों का क्रेज
चंडीगढ़ बुक फेयर शहर के हर बाशिंदे के लिए खुला है। किताबों के शौकीनों के कदम खुद ब खुद बुक फेयर की तरफ बढ़ रहे हैं।
वीरवार को शहर की कई जानी मानी हस्तियां भी पहुंची। सुबह करीब 12 बजे पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट चीफ जस्टिस संजय किशन कौल की पत्नी शिवानी कौल और बेटी आकांक्षा भी किताबें खरीदने के लिए पहुंची।
यूटी शिक्षा सचिव वीके सिंह की पत्नी पल्लवी सिंह ने भी पसंद की किताबें ली। पल्लवी ने कहा कि ऐसा फेयर लगातार होना चाहिए।
एक ही छत के नीचे पाठकों को सभी तरह की किताबें मिल सकती हैं। उन्होंने बताया कि कई किताबों के लिए आर्डर किया है।
गवर्नमेंट कॉमर्स कालेज सेक्टर-42 प्रिंसिपल मनजीत कौर बराड़ ने कहा कि किताबों का रुझान अभी भी बरकरार है। उन्होंने कहा कि युवाओं में किताबें पढ़ने से ही क्रिएटिविटी बढ़ती है।
पीयू हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर और पूटा वाइस प्रेसिडेंट अशोक कुमार का कहना है कि बुक फेयर शुरू करना प्रसंशनीय है, लेकिन किताबों की वरायटी नहीं है।
संस्कृत किताबों की डिमांड
चंडीगढ़ संस्कृत अकादमी और पंजाब यूनिवर्सिटी के संस्कृत विभाग के सहयोग से बुक फेयर में लगे स्टॉल में लोगों ने खूब उत्साह दिखाया है।
उदयन आर्य ने बताया कि संस्कृत सीखने को लेकर लोगों में काफी क्रेज रहा है। उन्होंने बताया कि एक ही दिन में बेसिक संस्कृत की 200 से अधिक किताबें बिक गई हैं।
उन्होंने बताया कि संस्कृत की किताबें 10 से 100 रुपये में उपलब्ध हैं। साइंस गणित संबंधित भी संस्कृत में किताबें उपलब्ध हैं।
वालंटियर्स ने संभाला मोर्चा
बुक फेयर में लोगों को जानकारी देने के लिए स्कूली और कालेज विद्यार्थियों की ड्यूटी लगाई गई थी। उपायुक्त मोहम्मद शाइन और एसडीएम साउथ कशिश मित्तल दिन भर गेट के आसपास ही मौजूद थे।
जीसीजी-42 की लड़कियों के अलावा एनएसएस वालंटिर्स भी काफी संख्या में तैनात किए गए थे। एनएसएस स्टेट लायजनिंग ऑफिसर विक्रण राणा ने बताया कि स्कूल और कालेज युवाओं के लिए यह काफी अच्छा अनुभव रहा।