बेटी का गार्जियन बनने को फाैरन कह दी थी हां
सबसे मार्मिक पल तब आया जब अरुण सूद ने बताया कि उनकी बेटी का कुछ समय पहले अहमदाबाद की यूआईडी में दाखिला हुआ था। इस सिलसिले में उन्होंने निवेदन किया कि किसी स्थानीय कार्यकर्ता को उनकी बेटी का लोकल गार्जियन बना दिया जाए ताकि कोई परेशानी न हो। इस पर विजय रूपाणी ने भावुकता भरा जवाब दिया कि, मेरे होते हुए यह जिम्मेदारी किसी और को क्यों दी जाए। बेटी की लोकल गार्जियन उनकी पत्नी होंगी। यह सुनकर अरुण सूद चकित रह गए। उन्होंने कहा कि यह एक छोटे से कार्यकर्ता के लिए किसी बड़े नेता की तरफ से इतना समर्पण था, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। इस पूरे संवाद के दौरान अरुण सूद कई बार भावुक हुए और विजय रूपाणी की सादगी, सेवा भावना और कार्यकर्ताओं के प्रति समर्पण को याद कर उनकी आंखें भर आईं।
छोटे कार्यकर्ता की छोटी-सी बात भी रखते थे यादः संजय टंडन
भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय टंडन ने विजय रूपाणी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें सादगीपूर्ण और संवेदनशील नेता बताया। टंडन ने कहा कि रूपाणी न केवल एक कुशल नेता थे, बल्कि कार्यकर्ताओं के मन की छोटी-सी बात को भी दिल से लगाकर रखने वाले नेता थे। संजय टंडन ने एक पुरानी याद साझा करते हुए बताया कि जब विजय रूपाणी मुख्यमंत्री थे, उस दौरान वह एक एग्जीबिशन के उद्घाटन के लिए हैदराबाद जा रहे थे। टंडन के एक मित्र का भी उस प्रदर्शनी में स्टॉल था, जिन्होंने आग्रह किया कि अगर मुख्यमंत्री उनके स्टॉल पर आ जाएं, तो यह उनके लिए बहुत सम्मान की बात होगी। टंडन ने जब यह बात रूपाणी से साझा की, तो उन्होंने न केवल सहमति जताई बल्कि हैदराबाद पहुंचते ही सबसे पहले उसी स्टॉल पर गए।
संजय टंडन ने कहा कि ये घटना रूपाणी के कार्यकर्ताओं और आमजन के प्रति संवेदनशीलता और आत्मीयता को दर्शाती है। टंडन ने कहा कि उन्हें दो बार रूपाणी के निजी आवास पर जाने का अवसर मिला। कहा कि उनके घर के पार्क के पीछे लगा झूला उनकी पसंदीदा जगह थी। वहीं बैठकर उन्होंने कई बार लंबी चर्चाएं की हैं, जो आज भी मन में ताजा हैं। टंडन ने कहा कि विजय रूपाणी जैसे नेताओं की कमी हमेशा खलेगी।
निष्ठावान कार्यकर्ता और दूरदर्शी नेता थे रुपाणीः मल्होत्रा
प्रदेश अध्यक्ष जितेंदर पाल मल्होत्रा ने कहा कि विजय रूपाणी एक कुशल प्रशासक, निष्ठावान कार्यकर्ता और दूरदर्शी नेता थे। उनके नेतृत्व में गुजरात ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ। चंडीगढ़ के प्रभारी रहते हुए उन्होंने संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। उनका असमय निधन भाजपा परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।