देश के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में चंडीगढ़ को दूसरा स्थान मिला। इसके लिए भाजपा-कांग्रेस में क्रेडिट वार शुरू हो गया है। कांग्रेस पार्षद दर्शन गर्ग का कहना है कि पिछले साल वह सेनिटेशन कमेटी के चेयरमैन थे और अभी तक नई कमेटी का गठन नहीं हुआ है।
उन्होंने शहर के सौंदर्यीकरण के लिए प्रयास किया। एक माह में ही शहर साफ नहीं हुआ है। जबकि भाजपा का मेयर बने एक माह ही बीता है। दर्शन गर्ग का कहना है कि पूर्व मेयर पूनम शर्मा ने शहर की सफाई व्यवस्था के लिए कई कदम उठाए थे।
उधर, भाजपा पार्षद सतीश कैंथ का कहना है कि शहरी विकास मंत्रालय ने 8 जनवरी से शहर का सर्वे शुरू किया था। अरुण सूद ने मेयर बनते ही स्वच्छ भारत मिशन को प्राथमिकता देते हुए शहर में सफाई अभियान शुरू किया।
इसके बाद मंत्रालय को अपने पॉजिटिव फीडबैक दिए। कैंथ का कहना है कि सेनिटेशन कमेटी में दर्शन अकेले नहीं बल्कि वह भी सदस्य थे।
ऐसे अभियान का क्या फायदा
बुधवार को नगर निगम ने डड्डूमाजरा में सफाई अभियान चलाया। लेकिन इस अभियान को चलाने के लिए धनास से सफाई कर्मचारी मंगाए गए। जिस कारण धनास की साफ सफाई प्रभावित हुई। इसमें मेयर अरुण सूद के अलावा वार्ड पार्षद सत प्रकाश अग्रवाल भी मौजूद रहे।