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Chandigarh News: चंडीगढ़ हुआ स्लम फ्री...36 साल पुरानी शाहपुर कॉलोनी की 400 झुग्गियां ध्वस्त

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चंडीगढ़। चंडीगढ़ ने मंगलवार को खुद को स्लम फ्री सिटी घोषित कर दिया। 36 साल पुरानी और शहर की आखिरी अवैध बस्ती सेक्टर-38 वेस्ट की शाहपुर कॉलोनी पर प्रशासन के संपदा विभाग ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर कब्जा हटा दिया। यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने टैगोर थिएटर में एक कार्यक्रम के दौरान चंडीगढ़ के स्लम फ्री होने की आधिकारिक घोषणा की।
संपदा विभाग के अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने मंगलवार सुबह 7 से 9.38 बजे तक चली कार्रवाई में शाहपुर कॉलोनी की 400 झुग्गियों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान अपने आशियाने जमींदोज होते देख बेबस आंखें निहारतीं रह गईं। लोगों का तिनका-तिनका जोड़कर बुना गया गया सपना बिखर गया। यह कॉलोनी लगभग साढ़े चार एकड़ में फैली थी। डीसी निशांत कुमार यादव के अनुसार जमीन की मौजूदा बाजार में कीमत लगभग 250 करोड़ है। इस कॉलोनी में रहने वाले 70 पात्र परिवारों को चंडीगढ़ स्मॉल फ्लैट स्कीम-2006 के तहत इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, धनास, मौली जागरां, राम दरबार और सेक्टर-49 सहित विभिन्न स्थानों पर ईडब्ल्यूएस फ्लैट आवंटित कर पुनर्वासित किया गया है। डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि टीम सुबह 6 बजे ही कॉलोनी पहुंच गई थी और कब्जे तोड़ने से पहले यहां रह रहे लोगों को अपना जरूरी सामान हटाने के लिए एक घंटे का समय दिया गया। किसी भी तरह की अपि्रय घटना से निपटने के लिए पुलिस बल, वज्र वाहन, वॉटर कैनन और एंबुलेंस की तैनाती की गई थी। हालांकि, सारी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो गई।
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18 कॉलोनियां खाली, 21 हजार करोड़ की सरकारी संपत्ति सुरक्षित
शाहपुर कॉलोनी को खाली कराने के साथ प्रशासन ने अब तक शहर की कुल 18 अवैध कॉलोनियों को हटा दिया है। इसमें लगभग 520 एकड़ सरकारी जमीन खाली कराई गई है। इन जमीनों की कुल कीमत लगभग 21 हजार करोड़ रुपये के लगभग है। डीसी ने यह भी बताया कि कार्रवाई के दौरान जिन 7-8 झुग्गी वालों ने अदालत का स्टे ऑर्डर दिखाया, उन्हें फिलहाल छोड़ा गया है। इलाका एसडीएम को अदालत के अंतिम आदेश तक उन्हें अस्थायी रूप से दूसरी जगह पर रहने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
अब कबाड़ी मार्केट और धनास कच्ची कॉलोनी होगी खाली
प्रशासन की अगली कार्रवाई में सेक्टर-38 वेस्ट की मुख्य सड़क पर अवैध रूप से संचालित कबाड़ी मार्केट होगी। डीसी ने इलाका एसडीएम को 15 अक्तूबर तक इन कबाड़ गोदामों और दुकानों पर एक्शन लेने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा, संपदा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दिवाली के बाद धनास कच्ची कॉलोनी को खाली कराया जाएगा, जिसके लिए फाइल मंजूरी के लिए भेज दी गई है। यह कॉलोनी पेरी-फेरी इलाके में बनी है।
इस साल अब तक इन कॉलोनियों पर हुई कार्रवाई
-सेक्टर-25 जनता कॉलोनी चंडीगढ़ की सबसे बड़ी स्लम बस्ती थी। एस्टेट ऑफिस ने बीते 6 व 7 मई को इस कॉलोनी को हटाया था। लगभग 10 एकड़ भूमि की कीमत 350 करोड़ है। यहां लगभग 10 हजार लोग रह रहे थे।
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-औद्योगिक क्षेत्र में बनी संजय कॉलोनी को बीते 23 अप्रैल को खाली कराया था। यह कॉलोनी लगभग 6 एकड़ भूमि पर बनी थी। इस जमीन की कीमत लगभग 250 करोड़ रुपये है। यहां करीब 5 हजार लोग रहते थे।
-सेक्टर-54 की आदर्श कॉलोनी को बीते 19 जून को खाली कराया गया। यह कॉलोनी लगभग 12 एकड़ जमीन पर बनी हुई थी। इस जमीन की कीमत लगभग 750 करोड़ रुपये हैं।
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