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खाद्य सुरक्षा रैंकिंग में चंडीगढ़ पिछड़ा, डीबीटी श्रेणी में आखिरी पायदान पर

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चंडीगढ़। शहर लगातार राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न रैंकिंग में पिछड़ता जा रहा है। केंद्र सरकार की तरफ से हाल में जारी स्टार्टअप रैंकिंग और बिजनेस ईकोसिस्टम रैंकिंग में भी पिछड़ा है और अब एनएफएसए राज्य रैंकिंग सूचकांक 2022 में भी चंडीगढ़ डीबीटी की श्रेणी में आखिरी पायदान पर पहुंच गया है।
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केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को भारत में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा विषय पर एनएफएसए राज्य रैंकिंग सूचकांक 2022 को जारी की है। कई श्रेणी में रैंकिंग जारी की गई है। ज्यादातर राज्यों में अभी भी सरकारी दुकानों से राशन वितरित किया जा रहा है इसलिए उनकी अलग और जो राज्य डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए लोगों को राशन की जगह पैसा उनके खाते में भेज रहे हैं, उनकी अलग रैंकिंग जारी की गई है। देश में दादरा नगर हवेली व दमन दीव, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में डीबीटी लागू है। इन तीनों केंद्र शासित प्रदेशों में 0.802 इंडेक्स स्कोर के साथ दादरा नगर हवेली पहले नंबर है। 0.709 स्कोर के साथ पुडुचेरी दूसरे नंबर पर है और 0.680 स्कोर के साथ चंडीगढ़ तीसरे और आखिरी नंबर पर है। शहर में करीब साढ़े 62 हजार डीबीटी लाभार्थी हैं, जो खाद्य व आपूर्ति विभाग की विभिन्न सेवाओं का लाभ ले रहे हैं।
डीबीटी मोड में संचालित केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से प्राप्त रैंक और स्कोर
केंद्र शासित प्रदेश इंडेक्स स्कोर रैंक
दादरा नगर हवेली और दमन दीव 0.802 1
पुडुचेरी 0.709 2
चंडीगढ़ 0.680 3
सुधारों को बताने के लिए जारी की गई रैंकिंग
यह सूचकांक तीन स्तंभों पर टिका है, जिसमें खाद्य सुरक्षा और पोषण के विभिन्न पहलुओं पर गौर किया जाता है। प्रत्येक स्तंभ के मानक और उप-मानक हैं जो इस आकलन का समर्थन करते हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि सूचकांक केवल संचालन की दक्षता को दर्शाता है। यह भुखमरी या कुपोषण या दोनों के स्तर को नहीं दर्शाता है। मूल्यांकन के निष्कर्षों से पता चला है कि अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने डिजिटलीकरण, आधार सीडिंग और ईपीओएस स्थापना में अच्छा प्रदर्शन किया है, जो सुधारों को दर्शाता है।
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राशन का पैसा लोगों के खाते में भेजता है विभाग
प्रशासन के खाद्य व आपूर्ति विभाग की तरफ से डीबीटी स्कीम के तहत हर माह फूड सब्सिडी राशि सीधा लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है। प्रायोरिटी हाउसहोल्ड के लिए 128.64 रुपये प्रति सदस्य प्रति महीने व अंत्योदय अन्न योजना के लिए 900.48 रुपये प्रति परिवार प्रति महीने के जारी किए जाते हैं। केंद्र सरकार की ओर से गेहूं और चावल के समय-समय पर रिवाइज किए जाने वाले रेट के हिसाब पर ही ये अमाउंट तय की जाती है। डीबीटी सब्सिडी की प्रक्रिया सितंबर 2015 में शुरू की गई थी। यूटी पहला शहर था, जिसमें इसे लागू किया गया था।
इन रैंकिंग में पिछड़ा है चंडीगढ़
- 4 जुलाई को जारी स्टार्टअप ईकोसिस्टम रैंकिंग में चंडीगढ़ लीडर की कैटेगरी से एस्पायरिंग लीडर की कैटेगरी में आ गया है। चंडीगढ़ इसमें एक पायदान नीचे आया है।
- 30 जून को जारी व्यापार सुधार कार्य योजना (बीआरएपी) 2020 रैंकिंग में उभरते हुए बिजनेस ईकोसिस्टम की श्रेणी में चंडीगढ़ बिहार राज्य से भी पीछे है। केंद्र की सूची में आंध्र प्रदेश, गुजरात और हरियाणा टॉप अचीवर हैं।
- 20 नवंबर 2021 को जारी स्वच्छता की रैंकिंग में चंडीगढ़ करीब 50 पायदान नीचे गिरकर 66वें नंबर पर आ गया है। वर्ष 2016 में चंडीगढ़ दूसरे स्थान पर था। वर्ष 2017 में 11वें, 2018 में तीसरे, 2019 में 20वें, 2020 में 16वें और 2021 में 66वें पायदान पर पहुंच गया।
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