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ऑटो सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों को कल सुनाई जा सकती है सजा, धारा-376 ई जोड़ने की लगाई अर्जी

Wed, 07 Aug 2019 11:09 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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जिला अदालत में बुधवार को ऑटो सामूहिक दुष्कर्म मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान पीड़ित पक्ष के वकील ने केस में धारा 376-ई जोड़ने की अर्जी लगाई। धारा 376-ई के तहत दोषी को फांसी की सजा भी सुनाई जा सकती है। इस मामले के आरोपियों को एक अगस्त को दोषी करार दिया गया था। 

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दोषियों में उत्तरप्रदेश के जिला आंबेडकर नगर निवासी मोहम्मद इरफान और दिल्ली के सीमापुरी निवासी कमल हसन शामिल हैं। इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 376 डी, 376 (2जी) और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया था। गुरुवार को सुनवाई के दौरान अदालत दोषियों को सजा सुना सकती है।

मामला 13 दिसंबर 2016 का है। 21 वर्षीय पीड़िता अपनी ड्यूटी के बाद घर जा रही थी। पीड़िता ने पिकाडली चौक से घर जाने के लिए ऑटो लिया। ऑटो में दो व्यक्ति सवार थे। एक ऑटो चला रहा था, जबकि दूसरा पीछे बैठा था। आरोपियों ने सुनसान जगह पर ऑटो खराब होने का बहाना बनाकर ऑटो रोक लिया और ऑटो ठीक करने का बहाना करने लगा। 
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उसी दौरान ऑटो में बैठे आरोपी ने पीड़िता को धक्का दिया। इसी बीच दूसरे आरोपी ने चाकू निकालकर पीड़िता को धमकाया। बाद में दोनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इस दौरान आरोपियों ने वीडियो भी बनाई। आरोपियों ने पीड़िता को धमकी दी कि अगर उसने घटना के बारे में किसी को बताया तो उसका वीडियो वायरल कर देंगे। 

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पीड़िता ने घर जाकर सारी घटना अपनी मां को बताई। मां ने पुलिस को मामले की सूचना दी। पीड़िता के पहचान बताने पर पुलिस की ओर से आरोपियों के स्कैच ऑटो स्टैंड पर लगाए गए। जांच के बाद कमल हसन को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था, जबकि मोहम्मद इरफान को प्रॉडक्शन वारंट पर लाकर तीन दिन का रिमांड लिया गया था।

इसके बाद उसका डीएनए टेस्ट करवाया गया। इस दौरान इरफान का डीएनए केस के साथ मैच हो गया। मोहम्मद इरफान पहले ही एक दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहा है। पीड़िता ने टीआईपी के दौरान आरोपियों की पहचान की थी।

क्या है धारा 376-ई
अगर आरोपी को दुष्कर्म मामले में पहले ही धारा 376 के तहत सजा हो रखी हो, तो उस पर धारा 376 ई लगाई जाती है। साल 2013 में निर्भया दुष्कर्म केस के बाद यह संशोधन किया गया था कि यदि एक आरोपी अपराध को दोहराता है तो उस पर आईपीसी की धारा 376-ई लगाई जा सकती है। इस धारा के लगने पर दोषी को कम से कम आजीवन कारावास और फांसी हो सकती है। 
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