पीड़िता ने घर जाकर सारी घटना अपनी मां को बताई। मां ने पुलिस को मामले की सूचना दी। पीड़िता के पहचान बताने पर पुलिस की ओर से आरोपियों के स्कैच ऑटो स्टैंड पर लगाए गए। जांच के बाद कमल हसन को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था, जबकि मोहम्मद इरफान को प्रॉडक्शन वारंट पर लाकर तीन दिन का रिमांड लिया गया था।
इसके बाद उसका डीएनए टेस्ट करवाया गया। इस दौरान इरफान का डीएनए केस के साथ मैच हो गया। मोहम्मद इरफान पहले ही एक दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहा है। पीड़िता ने टीआईपी के दौरान आरोपियों की पहचान की थी।
क्या है धारा 376-ई
अगर आरोपी को दुष्कर्म मामले में पहले ही धारा 376 के तहत सजा हो रखी हो, तो उस पर धारा 376 ई लगाई जाती है। साल 2013 में निर्भया दुष्कर्म केस के बाद यह संशोधन किया गया था कि यदि एक आरोपी अपराध को दोहराता है तो उस पर आईपीसी की धारा 376-ई लगाई जा सकती है। इस धारा के लगने पर दोषी को कम से कम आजीवन कारावास और फांसी हो सकती है।