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ऑटो इंडस्ट्री भी छोड़ चली चंडीगढ़ की गली, दो वजहों से शिफ्टिंग तेज हुई

Wed, 24 May 2017 04:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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ऑटो इंडस्ट्री
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ऑटो इंडस्ट्री भी छोड़ चली अब चंडीगढ़ की गली। इंडस्ट्री की शिफ्टिंग ने रफ्तार पकड़ ली है और इसके पीछे दो वजह बताई जा रही हैं। टैक्स का भार और जगह की कमी, हालत यह है कि आधी से ज्यादा ऑटो इंडस्ट्री मोहाली शिफ्ट हो गईं हैं। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और फेज-2 में अब ऑटो इंडस्ट्री के छोटे उद्यमी ही रह गए हैं। वर्ष 2006 तक चंडीगढ़ में ऑटो इंडस्ट्री के पांच सौ यूनिट्स थे। जिसमें से आधे यूनिट्स बड़े पैमाने पर काम कर रहे थे। अब चंडीगढ़ में करीब दो सौ ऑटो इंडस्ट्री ही रह गईं हैं।
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जगह है पर उपयोग नहीं कर सकते
चंडीगढ़ में इंडस्ट्रियल प्लॉट्स मालिकों के पास जगह है पर उसका उपयोग नहीं किया जा सकता है। नियमों के अनुसार एक कनाल के प्लॉट का सिर्फ पचास फीसदी हिस्सा ही उपयोग में लाया जा सकता है। उद्यमियों के अनुसार वर्ष 1982 में फैक्ट्री अलॉटमेंट हुई थी। अब मशीनों में काफी बदलाव आ चुका है। प्रोडक्शन बढ़ गया है और मैन पावर भी ज्यादा हो चुकी है। ऐसी स्थिति में जगह होते हुए भी उसमें काम नहीं किया जा सकता है।
- अवि भसीन, प्रधान, चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल यूथ एसोसिएशन

नोटिसों से भी परेशान हुए उद्यमी
चंडीगढ़ के कई इंडस्ट्रियल प्लॉट मालिक इस्टेट कार्यालय और प्रदूषण विभाग द्वारा नित नए नियमों के लिए भेजे जाने वाले नोटिस से भी परेशान हो चुके हैं। ऑटो पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग करने वालों के लिए यह नोटिस काफी मुसीबत बन गए थे, इसी वजह से काफी इंडस्ट्रीज यहां से शिफ्ट कर गईं।
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- नवीन मंगलानी, चंडीगढ़ चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज
 
यह एक रेवेन्यू का बड़ा नुकसान
चंडीगढ़ से इंडस्ट्रीज का शिफ्ट होना बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है। इंडस्ट्री से प्रशासन को वैट, सीएसटी, कर्मचारी भविष्य निधि, पीएफ, प्रॉपर्टी टैक्स, आयकर और एक्साइज टैक्स के साथ सर्विस टैक्स भी मिलता था। इंडस्ट्री शिफ्ट होने से यह टैक्स भी दूसरे राज्य में शिफ्ट हो गए। यह एक बड़ा नुकसान है।
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- अरुण महाजन, इंडस्ट्री एसोसिएशन चंडीगढ़
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