चंडीगढ़ में लॉकडाउन के दौरान प्रदूषण नियंत्रण में रहा।
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चंडीगढ़ में लॉकडाउन का सबसे सकारात्मक असर प्रदूषण पर पड़ा। एक जमाने के बाद नीला आसमान देखा गया। उस वक्त पूरे देश में चंडीगढ़ की सबसे साफ हवा दर्ज हुई थी। मार्च के आखिरी सप्ताह में चंडीगढ़ का एयर क्वालिटी (एक्यूआई) इंडेक्स 17 दर्ज किया गया, जो 101 शहरों (मैदानी इलाके) में सबसे कम रहा है। इसका असर यह रहा कि 2020 में एक भी बार शहर का प्रदूषण रेड जोन में नहीं पहुंचा।
घने कोहरे के दौरान भी प्रदूषण नियंत्रित रहा। अधिकतम एक्यूआई 250 के आसपास दर्ज किया गया। एनवायरनमेंट हेल्थ के विशेषज्ञ और पीजीआई के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. रविंद्रा खैवाल ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान लोगों ने देखा कि शहरों की आबोहवा साफ हो सकती है। इससे अब इसके प्रति इच्छाशक्ति जागृत हुई है। लोग अब ज्यादा जागरूक हुए हैं और वह अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं।
साइकिल के प्रति बढ़ती लोकप्रियता इसका एक सुबूत है। मार्केट व अन्य जगहों पर जाने के लिए लोग साइकिल का इस्तेमाल कर रहे हैं। इलेक्ट्रानिक वाहनों की तरफ लोगों का झुकाव बढ़ा है। इसमें धीरे-धीरे क्रांति आना तय है, लेकिन यह तभी संभव हो पाएगा, जब यही उत्साह आगे भी बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि चंडीगढ़ के प्रदूषण में हरियाणा व पंजाब का अहम रोल है। इसे नियंत्रित करने के लिए इस पूरे रीजन के लिए एक कॉमन योजना पर काम करना होगा। सिर्फ चंडीगढ़ के लिए बनाई गई योजना इतनी ज्यादा प्रभावी साबित नहीं होगी।
मार्च के आखिरी हफ्ते का वायु गुणवत्ता सूचकांक
शहर एक्यूआई
अमृतसर 52
चंडीगढ़ 17
दिल्ली 45
गाजियाबाद 39
नोएडा 38
मुंबई 72
पंचकूला 46
वाराणसी 50
इंदौर 38