प्रशासन और नगर निगम एक ओर शहरवासियों पर पार्किंग का रेट और पार्किंगों की संख्या बढ़ाकर बोझ डालना चाहता है, वहीं उन्हें खुद को अपने वाहनों के लिए निशुल्क पार्किंग पास चाहिए।
इस बार 30 नवंबर को होने वाली सदन की बैठक में प्रशासन के आला अधिकारियों को उनके वाहनों के लिए पार्किंग पास (स्टीकर) देने का प्रस्ताव मंजूर होने के लिए आ रहा है।
अधिकारियों की ओर से यह प्रस्ताव एजेंडे में शामिल किया गया है, वहीं प्रशासन लगातार नगर निगम को पेड पार्किंग में आ रही परेशानियों को दूर करके इसे रेगुलट करने के लिए बार-बार कह रहा है।
100 स्टीकर प्रशासन को हर साल देने होंगे
अभी तक नगर निगम के अधिकारियों को उनके सरकारी एवं निजी वाहनों के लिए निशुल्क पार्किंग पास मिलता है। प्रशासन की ओर से उनके अधिकारियों (आईएएस, आईपीएस, पीसीएस, एचसीएस, चीफ इंजीनियर) के वाहनों के लिए नगर निगम की ओर से निशुल्क पार्किंग देने का दबाव बनाया गया है।
अब अगर प्रशासन के अधिकारियों को पार्किंग पास देने का यह प्रस्ताव पास हो जाता है तो 100 स्टीकर नगर निगम को हर साल प्रशासन के अधिकारियों को देने होंगे।
पार्षदों को भी चाहिए सचिवालय में एंट्री के पास
वित्त एवं अनुबंध कमेटी के सदस्य एवं पूर्व मेयर सुभाष चावला का कहना है कि प्रशासन के अधिकारियों के वाहनों के लिए निशुल्क पार्किंग पास देने के लिए नगर निगम तैयार हो जाएगा, लेकिन प्रशासन को भी चाहिए कि वह नगर निगम के सभी 35 पार्षदों को सचिवालय में एंट्री के पार्किंग पास दे। मालूम हो कि सचिवालय के गेट से उन वाहनों की ही एंट्री है जिन पर प्रशासन की ओर से जारी स्टीकर लगे हुए हैं।
मेयर को 100, कमिश्नर को 25 और पार्षदों को मिलते हैं 7 पास
अभी तक नगर निगम में मेयर को 100, कमिश्नर को 10 और पार्षदों को कुल 7 वाहनों के पार्किंग पास मिलते हैं। जबकि अतिरिक्त कमिश्नर को दो पास की सुविधा दी गई है। मेयर और पार्षदों को जो कंपलीमेंटरी पास दिए जाते हैं वह अपने समर्थकों और जानकारों को बांट देते हैं।
वीआईपी लोगों में इन पास को लेने की हर साल होड़ रहती है। इन पास का कार्यकाल एक साल का होता है। यहां तक की पूर्व पार्षदों को भी हर साल निशुल्क पार्किंग पास दिए जाते हैं। जबकि सीनियर और डिप्टी मेयर को भी हर साल 25 अतिरिक्त कंपलीमेंटरी पास अपने समर्थकों को बांटने के लिए दिए जाते हैं।
यहां पर लागू नहीं है पार्किंग पास
शहर में इस समय 26 पेड पार्किंग हैं, लेकिन सेक्टर-17 के इंपायर और साहिब सिंह पार्किंग में इस पास को निशुल्क पार्किंग की सुविधा प्राप्त नहीं है। नगर निगम की ओर से जो इस समय प्रशासन के अधिकारियों के लिए नए 100 पास देेने की तैयारी की जा रही है उससे सिर्फ पार्किंग चलाने वाले ठेकेदार पर ही बोझ बढ़ेगा।