स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट का विरोध कर रहे व्यापारियों को चंडीगढ़ प्रशासन से बड़ी राहत मिल गई है। इस पर प्रशासक ने अस्थाई रोक लगा दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन और सांसद किरण खेर के दखल के बाद व्यापारियों और गवर्नर के बीच बैठक हुई, जिसमें बरामदे में सामान मिलने या दुकानों का काउंटर बढ़ाने पर लगने वाले पेनाल्टी को फिलहाल टाल दिया गया है। कितनी पेनाल्टी लगेगी, इसे अब नगर निगम के हाउस में तय किया जाएगा। नगर निगम इस बारे में एजेंडा लाएगी और हाउस में पेनाल्टी तय की जाएगी। स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट में इस मामले में दस हजार रुपये की पेनाल्टी का प्रावधान रखा गया था।
इसके अतिरिक्त एक एडवाइजरी कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें व्यापारी, आरडब्ल्यूए, काउंसलर और वेंडर्स होंगे, जो आपस में बैठकर तय करेंगे कि दुकानों के आगे कितनी दूर पर वेंडर्स बैठेंगे। शनिवार को चंडीगढ़ व्यापार मंडल प्रधान चरणजीव, जनरल सेक्रेटरी संजीव चड्डा, अनिल वोरा, पार्षद अरुण सूद और सत्यप्रकाश अग्रवाल ने पंजाब के गवर्नर व यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से मुलाकात की। इस दौरान व्यापारी नेता संजीव चड्डा व पार्षद अरुण सूद ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के जो बायलॉज फाइनल किए गए हैं, वे जमीनी हकीकत से दूर हैं।
व्यापारियों के बरामदे पर सामान पकड़े जाने पर पहले पेनाल्टी 500 रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर सीधे दस हजार रुपये कर दिया गया है। दूसरा, वेंडर्स को बैठाने पर यह नहीं देखा गया कि शोरूम या दुकानों से वह कितनी दूर बैठेंगे? आर्किटेक्ट ने नक्शे में देखकर लाइने खींच दी। फिजीबिल्टी देखी नहीं गई। उस जगह पर वेंडर्स बैठेंगे तो व्यापारियों को दिक्कतें तो आएंगी और ये खींचतान ऐसी है, जो जिंदगी भर चलेगी। इससे न सिर्फ एक जगह बल्कि पूरे शहर का माहौल खराब होगा। उन्होंने कहा कि वे वेंडर्स के खिलाफ नहीं है। उन्हें भी रोजी-रोटी कमानी है और कहीं तो उन्हें बैठाना होगा।
दस हजार की पेनाल्टी काफी ज्यादा है
इन बातों को सुनने के बाद गर्वनर वीपी सिंह बदनौर ने तुरंत नगर निगम कमिश्नर से बात कर पेनाल्टी को अस्थाई तौर पर रोकने को कहा। उन्होंने कहा कि दस हजार की पेनाल्टी काफी ज्यादा है और 500 रुपये काफी कम। इस संबंध में एक एजेंडा तैयार करें और हाउस में लेकर आएं ताकि सर्वसम्मति से तय हो कि पेनाल्टी कितनी होनी चाहिए। साथ ही एडवाइजरी कमेटी बनाने के निर्देश दिए। अब सोमवार को व्यापारी नगर निगम कमिश्नर से मुलाकात करेंगे और एडवाइजरी कमेटी की बात को आगे बढ़ाएंगे। व्यापारी नेताओं ने कहा कि गवर्नर ने उनकी सभी मांगों पर पाजिटिव रिस्पांस दिया है।
व्यापारियों के मुद्दे पर किरण-टंडन साथ-साथ आए
गवर्नर से व्यापारियों की मुलाकात कराने के लिए भाजपा सांसद किरण खेर और प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन एक साथ नजर आए। दोनों ने इस मुद्दे पर गवर्नर वीपी सिंह बदनौर से समय मांगा था। उसके बाद पार्टी की ओर से पार्षद अरुण सूद व सत्य प्रकाश अग्रवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई कि वे व्यापारियों के साथ गवर्नर से मुलाकात करें और उनकी बातों को मजबूती से रखें।
किरण खेर और संजय टंडन के बीच गुटबाजी जगजाहिर है, लेकिन व्यापारियों के मुद्दे पर एक साथ नजर आए। स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के खिलाफ व्यापारियों के गुस्से से पार्टी के वोट बैंक पर सेंध लगना तय था। दूसरी ओर पार्टी व्यापारियों के साथ खुलकर सामने नहीं आ रही थी, क्योंकि पार्टी वेंडर्स को भी नाराज नहीं करना चाहती थी, जबकि व्यापारी इस मुद्दे पर लगातार मुखर होते जा रहे थे। पार्टी को डर था कि कहीं इस मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों का साथ व्यापारियों का न मिल जाए, उससे पहले उन्होंने यह कदम उठा लिया।