चंडीगढ़ नगर निगम की सदन में सोमवार को पास किए गए 20 हजार लीटर मुफ्त पानी के मामले को लेकर पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित मंगलवार को काफी खफा नजर आए।
पंजाब राजभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा है कि वो इसे मंजूर नहीं करेंगे। प्रशासक ने आम आदमी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन के साथ भाजपा को भी फटकार लगाई और कहा कि एक पार्टी ने 20 हजार लीटर पानी तो दूसरे ने 40 हजार लीटर पानी मुफ्त देने का वादा कर दिया। इस तरह से जनता को मूर्ख नहीं बनना चाहिए।
प्रशासक ने सबसे पहले ढपोर शंख की कहानी के माध्यम से गठबंधन और भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि एक शंख थे। उनसे किसी ने खाना मांगा तो उन्होंने कहा कि थोड़ी देर रुको थाली आ रही है, जिसमें चावल, दाल, तीन सब्जियां, रायता है। व्यक्ति ने ढपोरशंख से खाना मांगा को वह दो कदम आगे निकल गए। उन्होंने कहा कि थाली आ रही है, जिसमें मालपुआ, बिरयानी, गुलाब जामुन सब कुछ होगा। प्रशासन ने कहा कि किसी ने भी व्यक्ति को देना कुछ नहीं था, सिर्फ बड़ी-बड़ी हांक रहे थे। नगर निगम में सोमवार को ऐसा ही हुआ।
आप-कांग्रेस ने कहा कि वह 20 हजार लीटर पानी फ्री में देंगे तो बीजेपी वाले कहते कि वह 40 हजार लीटर पानी मुफ्त देंगे। एक ने शंख तो दूसरा ढपोरशंख का काम किया। प्रशासक ने कहा कि उनका राजनीतिक पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है लेकिन पार्टियों को जनता से वो वादे करने चाहिए, जिसे पूरा किया जा सके। मुफ्त पानी कैसे दिया जा सकता है, जब चंडीगढ़ ने 24 घंटे पानी के प्रोजेक्ट के लिए 15 साल का एग्रीमेंट किया है। ऐसे में लोगों को मूर्ख क्यों बनाना। प्रशासक होने के नाते वह इसे लागू नहीं होने देंगे।
मेरा राजनीति से कोई मतलब नहींः पुरोहित
प्रशासक ने मंच से नगर निगम की आयुक्त आनिंदिता मित्रा को कहा कि वह 10 काम अच्छे करती हैं लेकिन एक काम में गड़बड़ कर दिया। सदन में जब यह लाया गया तो उन्होंने पार्षदों को गाइड क्यों नहीं किया। प्रशासक ने कहा कि आयुक्त को पार्षदों को गाइड करना चाहिए थे। बताना चाहिए था कि ऐसा नहीं हो सकता। 24 घंटे पानी के प्रोजेक्ट के लिए 15 साल का एग्रीमेंट किया हुआ है। उसके साथ छेड़छाड़ कैसे किया जा सकता है। क्या इसके लिए हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में केस लड़ेंगे।
इसके बाद प्रशासक ने आयुक्त द्वारा किए गए अच्छे कामों को भी गिनाया और कहा कि मित्रा ने सफाई, सीवरेज और स्मार्ट सिटी समेत अन्य क्षेत्रों में काफी अच्छा काम भी किया है। कहा कि सबका एक उद्देश्य होना चाहिए कि चंडीगढ़ को असल मायनों में स्मार्ट सिटी बनाना। शहर में फंड की कोई कमी नहीं है। हर अच्छे काम के लिए वह और केंद्र सरकार साथ खड़े हैं।