पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बाद ट्रिब्यून फ्लाईओवर को लेकर प्रशासन की माथापच्ची जारी है। वीरवार को एडवाइजर द्वारा गठित कमेटी के सामने सात लोगों ने प्रेजेंटेशन दी और बताया कि कैसे पेड़ों को बिना काटे ट्रिब्यून चौक के जाम से निपटा जा सकता है। प्रशासन के इंजिनियरिंग, आर्किटेक्ट, टाउन प्लानिंग विभाग के अधिकारियों ने सभी प्रेजेंटेशन को देखा और उसकी बारीकियों को समझा। बीते दिनों एडवाइजर मनोज परिदा की तरफ से यूटी गेस्ट हाउस में की गई जन सुनवाई के बाद एक कमेटी का गठन किया गया।
सुनवाई के दौरान कई ऐसे लोग थे, जो प्रेजेंटेशन लेकर आए थे। इन लोगों ने कहा था कि उनके पास ट्रिब्यून चौक पर लगने वाले जाम को दूर करने का ठोस प्लान है। इस पर प्रशासन की तरफ से सभी को वीरवार को सचिवालय बुलाया गया था। प्रेजेंटेशन देने वालों में आर्किटेक्ट तरुण माथुर, आर्किटेक्ट विनोद कुमार, जेएस नागी, एहसान चौफला, सुदेश कुमार, इंदरजीत घई और पवीला बाली थीं। प्रेजेंटेशन के दौरान इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से सभी के मॉडल की बारीकियों को समझा।
जानकारी के अनुसार, अधिकारियों को दो मॉडल पसंद आए हैं, जिन पर अधिकारियों की तरफ से विचार किया जा रहा है। हालांकि प्रेजेंटेशन लेकर गए आर्किटेक्ट्स ने कहा कि इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से बार-बार सवाल उठाए जाते रहे। कई बार आर्किटेक्ट्स ने सुझाव मांगे तो इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से कहा गया कि वह प्रोजेक्ट से जुड़ी कोई भी जानकारी साझा नहीं कर सकते। प्रेजेंटेशन देने गए आर्किटेक्ट्स का कहना था कि उनको प्रशासन के विभागों की तरफ से पूरा सहयोग नहीं मिल रहा था।