शहर में ग्रीन टैक्स, वाहनों व ईंधन के प्रकार पर निर्भर करेगा। प्रशासन की दरों को भी मंजूरी मिल गई है। इसके अनुसार व्यवसायिक गाड़ियों को ज्यादा टैक्स चुकाना होगा। सार्वजनिक परिवहन के वाहनों जैसे सिटी बसों पर कम ग्रीन टैक्स लगेगा। वहीं, इलेक्ट्रिक, सीएनजी, हाइब्रिड इलेक्ट्रिक कार, इथेनॉल व एलपीजी जैसे वैकल्पिक ईंधनों पर चलने वाले वाहनों को इस टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है।
साथ ही कृषि में इस्तेमाल होने वाले वाहन जैसे ट्रैक्टर, हार्वेस्टर आदि को भी इस टैक्स के दायरे से बाहर रखा जाएगा। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि पुराने वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करने पर जो खर्च होगा, उसका कुछ हिस्सा पुराने वाहनों से वसूला जाए। इस टैक्स को ही ग्रीन टैक्स का नाम दिया गया है। ग्रीन टैक्स से एकत्र होने वाले राजस्व को भी अलग खाते में रखा जाएगा।
- निजी गाड़ियां टैक्स
- टू व्हीलर (पेट्रोल) 200 रुपये
- फोर व्हीलर (पेट्रोल) 500 रुपये
- फोर व्हीलर (डीजल) 800 रुपये
गाड़ी टैक्स
- व्यावसायिक (पेट्रोल) रोड टैक्स का 10 प्रतिशत
- व्यावसायिक (डीजल) रोड टैक्स का 12 प्रतिशत