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50 प्रतिशत रोड टैक्स पर 70 फीसदी लोगों को ऐतराज, भेज रहे सुझाव पढ़िए

Thu, 11 Jan 2018 05:23 PM IST
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
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ट्रैफिक कंजेशन और पार्किंग की समस्या को खत्म करने के अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट के प्रस्ताव पर 70 प्रतिशत लोगों ने कड़ा ऐतराज जताया है। विभाग ने सिटीजन पार्किंग पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया है। डिपार्टमेंट की ओर से पार्किंग पॉलिसी को लेकर लोगों से 15 जनवरी तक सुझाव व ऑब्जेक्शन मांगे गए हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट के पास अब तक जो सुझाव व ऑब्जेक्शन आए हैं, उनमें 70 प्रतिशत लोगों ने ड्राफ्ट में 10 लाख रुपये से उपर की गाड़ी पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स देने की कंडीशन का विरोध किया है।
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इसकी जगह लोगों ने शहर में मल्टी लेवल पार्किंग बनाए जाने और रेजिडेंशियल जोन में घरों में अंडरग्राउंड पार्किंग बनाए जाने को लेकर मंजूरी दिए जाने के सुझाव भेजे हैं। ताकि लोगों अपने घर में ही अलग से पार्किंग एरिया डेवलप कर सके। अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट के अधिकारियों की मानें तो अब तक पार्किंग पॉलिसी पर 80 के करीब लोगों ने ई मेल के जरिए प्रशासन को अपने सुझाव भेजे हैं।

वहीं, कुछ लोगों ने अपने सुझाव व ऑब्जेक्शन डिपार्टमेंट को बाय हैंड जमा कराए हैं। चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया ने बताया कि लोगों द्वारा भेजे गए सुझावों व ऑब्जेक्शन को लेकर नोट तैयार किया जा रहे हैं। 15 जनवरी के बाद इन सुझावों व ऑब्जेक्शन को प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मीटिंग में रिव्यू किया जाएगा। इसके बाद ही पार्किंग पॉलिसी पर कोई अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा। दूसरी गाड़ी खरीदने पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स देने के शर्त का शहर के लोग विरोध कर रहे हैं।
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पार्किंग पॉलिसी के इस क्लॉज का विरोध कर चुके हैं। यूटी प्रशासन के अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट ने रेजिडेंट्स पार्किंग पॉलिसी को लेकर जो ड्राफ्ट तैयार किया है, उसमें यह क्लॉज शामिल किया गया है। चंडीगढ़ में रिहायशी जगहों पर पार्किंग की समस्या से निबटने के लिए यह पॉलिसी तैयार की जा रही है। अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट ने लोगों से पार्किंग पॉलिसी के ड्राफ्ट पर सुझाव मांगे थे। इन सुझावों में ज्यादातर लोगों ने दूसरी गाड़ी पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स देने का विरोध किया है।

शहर में बढ़ते ट्रैफिक कंजेशन व पार्किंग की समस्या को देखते हुए यूटी प्रशासन ने पार्किंग पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया है। ताकि शहर में बढ़ती गाड़ियों की संख्या पर लगाम लगाया जा सके।

मल्टी नेशनल कंपनियों ने भी जताया विरोध

पार्किंग की समस्या - फोटो : Amar ujala
अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट के अधिकारियों की मानें तो ड्राफ्ट में मल्टी नेशनल कंपनीज को लेकर भी एक प्वाइंट शामिल हैं। जिसमें यह कंडीशन रखी गई है कि जिस कंपनी में 50 से ऊपर इंपलाइज काम करते हैं, उन्हें अपने इंपलाइज के लिए अलग से स्टाफ बस रखना अनिवार्य होगा। ड्राफ्ट में शामिल इस प्वाइंट पर भी कई कंपनियों ने ऑब्जेक्शन भेजी हैं। इन कंपनियों का कहना है कि हर इंपलाइज को ट्रांसपोर्ट अलाउंस दिया जाता है, इसके अलावा महिला कर्मचारियों के लिए कैब सर्विस भी शुरू की है। इसकी जगह कंपनियों ने इस कंडीशन को बदलने के लिए कहा है।

रोड साइड पार्किंग पर एक हजार का हो चालान
भेजे गए सुझावों में 25 से 30 के करीब लोग ऐसे हैं, जिन्होंने सड़क किनारे गलत ढंग से गाड़ी पार्क करने पर प्रतिदिन एक हजार रुपये चालान राशि को बढ़ाने का सुझाव दिया है। ताकि ट्रैफिक कंजेशन से बचा जा सके।

पंजाब-हरियाणा की गाड़ियां छोड़, 50 प्रतिशत ज्यादा पार्किंग फीस
पार्किंग पॉलिसी ड्राफ्ट के मुताबिक चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा में रजिस्टर्ड वाहनों को छोड़कर अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों को पार्किंग के लिए 50 प्रतिशत अधिक पार्किंग फीस देनी होगी। इसके अलावा जिन घरों में पार्किंग की पर्याप्त जगह हैं, उन्हें प्रापर्टी टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

गाड़ी खरीदते समय देना होगा पार्किंग स्पेस सर्टिफिकेट
गाड़ी खरीदते समय अब लोगों को पार्किंग स्पेस सर्टिफिकेट देना होगा। यहीं गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के वक्त ये सर्टिफिकेट देना जरूरी होगा कि इस गाड़ी को आप कहां खड़ा करेंगे, आपके पास इसको खड़ा करने के लिए जगह है या नहीं। अगर आपके पास गाड़ी पार्क करने की जगह नहीं होगी, तो आप अपनी गाड़ी की रजिस्ट्रेशन नहीं करा सकेंगे।

एक कनाल या उससे ऊपर के प्लाट के बाहर गाड़ी पार्क करने पर जुर्माना
पार्किंग पॉलिसी के ड्राफ्ट के मुताबिक शहर में  एक कनाल या उससे ऊपर के प्लाट के बाहर सड़क पर या सड़क के किनारे गाड़ी पार्क करने पर पूरी तरह पाबंदी होगी। ऐसे करने पर वाहन जब्त कर चालान करने का प्रावधान होगा।

पार्किंग पॉलिसी ड्राफ्ट के अहम बिंदु

डिजिटल पार्किंग - फोटो : डेमो पिक
1.पॉलिसी लागू होने के बाद वाहन मालिकों को तीन महीने के अंदर यह एफिडेविट देना होगा कि वे पॉलिसी के नियमों का पालन करेंगे।
2. घर में पहले से अगर गाड़ी है और आप दूसरी गाड़ी खरीद रहे हैं, जिसकी कीमत 10 लाख रुपये से ऊपर है, तो आपको गाड़ी की 50 प्रतिशत कीमत रोड टैक्स देनी होगी।
3. चंडीगढ़ में गाड़ी खरीदने, चलाने और रजिस्टर्ड कराने के लिए सर्टिफिकेट आफ एन्टाइटलमेंट देना होगा। जोकि 10 साल के लिए वैलिड होगा। गाड़ियों की डिमांड बढ़ने पर सर्टिफिकेट आफ एन्टाइटलमेंट की कीमत भी बढ़ेगी। अगर पॉलिसी अप्रूव होती है तो यह नियम 1 जनवरी 2018 से लागू से लागू होंगे।
4. जिन लोगों के पास गाड़ी नहीं है और उनके घर में पार्किंग एरिया है, वह अपने पार्किंग एरिया को किराए पर देकर कमाई कर सकते हैं।
5. पंजाब और हरियाणा को छोड़ कर दूसरे राज्यों से गाड़ियां आती हैं तो उनसे 50 परसेंट ज्यादा पार्किंग फीस वसूली जाए।
6. शहर के सभी स्कूल, कॉलेज, सरकारी व प्राइवेट संस्थानों को पिकअप और ड्रॉप ऑफ जोन डिक्लेयर करने होेंगे। जहां पर स्कूल के बच्चों को छोड़ा जाएगा और वहां से ले जाया जाएगा। 21 जनवरी 2015 को प्रशासन की ओर से नियम जारी किए गए थे, उन नियमों का शहर के  सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य संस्थानों को पालन करना होगा।

पार्किंग पॉलिसी ड्राफ्ट में पार्किंग फीस स्ट्रक्चर
यूटी प्रशासन ने पार्किंग पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर दिया है। पॉलिसी की मंजूरी के बाद इसे लागू करने का जिम्मा नगर निगम का होगा। एक बार पार्किंग फीस तय होने के बाद दो साल तक फीस रिवाइज नहीं की जा सकेगी। दो साल के बाद नगर निगम चाहें तो पार्किंग फीस के स्ट्रक्चर में प्रशासन के टेक्निकल एक्सपर्ट की मंजूरी के बाद बदलाव कर सकता है। पार्किंग पॉलिसी ड्राफ्ट में बाकायदा इसके लिए फार्मूला तैयार किया गया है।

ज्यादातर लोगों ने भेजे यह 10 सुझाव

पार्किंग की व्यवस्था नहीं - फोटो : अमर उजाला
1. आउंटर रिंग रोड पर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की ओर से बस सर्विस शुरू की जाने चाहिए। ताकि शहर की अंदरूनी सड़कों पर ट्रैफिक कंजेक्शन कम किया जा सके।
2. मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर दोबारा से प्लानिंग की जाने चाहिए। क्योंकि पंचकूला और मोहाली से रोजाना लाखों लोग अपने काम और बिजनेस के सिलसिले में चंडीगढ़ आते हैं। मेट्रो के आने से पूरी ट्राइसिटी का ट्रैफिक कंजेक्शन खत्म किया जा सकेगा।
3. ई-रिक्शा, साइकिलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम की सेवाएं बेहतर की जानी चाहिए।
4. कम्युनिटी पार्किंग एरिया जैसे स्कूल, कम्युनिटी सेंटर और मार्केट में रात के समय टेंपरेरी बेस पर पार्किं ग सिस्टम शुरू करना चाहिए।
5. दिल्ली और हरियाणा के पंचकूला के तर्ज पर चंडीगढ़ में भी स्टिल्ट पार्किंग की मंजूरी दी जानी चाहिए। ताकि लोग अपने घरों में ही अंडरग्राउंड पार्किंग एरिया बना सके। इससे सेक्टरों व सड़क पर गाड़ी पार्क करने की समस्या खत्म हो जाएगी।
6. शहर में पार्किंग की समस्या को खत्म करने के लिए मल्टी पार्किंग का निर्माण किया जाना चाहिए।
7. इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 के बीच गाड़ियों के लिए अंडरपास बनाया जाना चाहिए।
8. सरकारी कर्मचारियों के लिए स्टाफ बस शुरू की जाए और अधिकारी लोग शेयरिंग सिस्टम से आफिस पहुंचें।
9. रोड साइड गाड़ी खड़ी करने पर 1 हजार रुपये का चालान हो।
10. बिल्डिंग बायलाज में पार्किंग एरिया को लेकर कुछ रियायतें दी जानी चाहिए।

 
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ड्राफ्ट के इन बिंदुओं पर लोगों ने जताई आपत्ति

नो पार्किंग में खड़े वाहन - फोटो : अमर उजाला
1. 10 लाख रुपये से ऊपर की दूसरी गाड़ी पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स देने पर लोगों ने जताई आपत्ति।
2. 50 से ऊपर इंपलाइज वाली कंपनी में स्टाफ बस का प्रावधान।
3. नगर निगम द्वारा शहर की 21 पेड पार्किंग में लागू किए गए नए रेट को रिवाइज कर कम किया जाए।
4.  पंजाब और हरियाणा को छोड़ कर दूसरे राज्यों से गाड़ियां आती हैं तो उनसे 50 परसेंट ज्यादा पार्किंग फीस वसूली जाए।

10 लाख से ऊपर की गाड़ी पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स वसूलना लोगों पर आर्थिक बोझ डालने के बराबर है, प्रशासन को चाहिए कि पार्किंग व ट्रैफिक कंजेक्शन को खतम करने के लिए मल्टी लेवल पार्किंग बनाया और शहर के बदहाल पड़े पार्किंग एरियाक  को डेवलेप करें।
- पवन कुमार बंसल, पूर्व केंद्रीय मंत्री

पूर्व एडवाइजर विजय कुमार देव ने साइकलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को सुधारने के लिए बहुत काम किए, लेकिन उनके जाने के बाद सारी योजनाएं ठप कर दी गई। प्रशासन ने साइकिल ट्रैक पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए, लेकिन साइकिलिंग को प्रमोट नहीं कर सके। पार्किंग पॉलिसी लागू करने से पहले प्रशासन को ट्रांसपोर्ट सिस्टम और मल्टी लेवल पार्किंग डेवलेप करनी चाहिए।
- सतिंदर सिंह, सीनियर एडवोकेट

ड्राफ्ट पर ऑब्जेक्शन व सुझाव देने के लिए तारीख 31 मार्च तक बढ़ाई जानी चाहिए, मैंने इस मामले में एडवाइज से बात की थी कि ड्राफ्ट को हिंदी भाषा में भी जारी करना चाहिए था, ताकि शहर के लोगों इसमें बढ़-चढ़ कर भाग ले सकें, साथ ही ड्राफ्ट पर शहर के सभी पार्षदों को अपने अपने एरिया में लोगों से सुझाव लिए जाने और स्कूल और कॉलेज के स्टूडेंट्स की राय लेने के लिए ड्राफ्ट को सर्कुलेट किया जाना चाहिए था, लेकिन प्रशासन ने ऐसा कुछ नहीं किया।
- अजय जग्गा, सीनियर एडवोकेट

10 लाख से ऊपर की गाड़ी पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स बिलकुल गलत है, इसकी जगह प्रशासन को मल्टी पार्किंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में सुधार करना चाहिए।
- कमलजीत सिंह पंछी, प्रेसिडेंट, चंडीगढ़ ट्रेडर्स एसोसिएशन

10 लाख से ऊपर की गाड़ी पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स लागू करना गलत है, इससे प्रशासन को ही राजस्व का घाटा होगा, प्रशासन को चाहिए कि स्टिल्ट पार्किंग यानी घरों में अंडरग्राउंड पार्किंग के कंसेप्ट को मंजूरी दी जाए। जिस प्रकार यह कंसेप्ट दिल्ली और हरियाणा के पंचकूला में लागू है।
- बलदेव गोयल, मेंबर, ट्रांसपोर्ट स्टैंडिंग कमेटी एवं चंडीगढ़ बिजनेस काउंसिल

प्रशासन को काम्युनिटी पार्किंग सिस्टम को लागू करना चाहिए, शहर में मल्टी लेवल पार्किंग बनाई जानी चाहिए। 10 लाख से ऊपर दूसरी गाड़ी पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स वसूलना गलत है।
- बलजिंदर सिंह बिट्टू, चेयरमैन, फॉस्वेक

 
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