योजना के तहत जिन बच्चों ने कोरोना के चलते अपने माता-पिता में से एक या दोनों को खो दिया है, उन्हें इस योजना में शामिल किया गया है। इसके अलावा बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों को भी इस योजना में शामिल किया गया है और उनकी शिक्षा-चिकित्सा और पोषण संबंधी खर्च प्रशासन के समाज कल्याण विभाग की तरफ से उठाया जाएगा।
बच्चे के नाम पर तीन लाख रुपये की फिक्स डिपॉजिट (एफडी) भी करवाई जाएगी, जो 21 वर्ष की आयु के बाद मिलेगी। सरकारी स्कूल में ऐसे बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी, जबकि निजी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भी वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा अगर वह 18 वर्ष के बाद डिप्लोमा कोर्स, ग्रेजुएशन या फिर तीन साल का डिग्री कोर्स और प्रोफेशनल डिग्री करते हैं तो भी उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। योजना के अनुसार कोरोना पॉजिटिव होने वाले बच्चों को पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरी करने के लिए तीन माह तक 2500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
अगर आपके पास है ऐसे किसी बच्चे की जानकारी तो इस नंबर पर करें संपर्क
समाज कल्याण विभाग की विशेष सचिव नितिका पवार का कहना है कि इस योजना के तहत अभी 112 बच्चों की पहचान की गई है। आने वाले दिनों में अगर अन्य बच्चे की भी पहचान होती है तो उन्हें भी योजना के तहत राहत प्रदान की जाएगी। अगर किसी भी व्यक्ति के पास ऐसे किसी बच्चे की जानकारी है तो वह जिला बाल संरक्षण इकाई के हेल्पलाइन नंबर 0172-2643654 पर संपर्क कर सकता है।
परवरिश योजना के तहत फंड जारी करने के लिए समाज कल्याण विभाग की तरफ से फाइल वित्त विभाग के पास आई है। देखा जा रहा है कि किस हेड से इस योजना के लिए फंड जारी किया जाए। - विजय नामदेव राव जड़े, वित्त सचिव