दलील दी गई है कि कार या चौपहिया वाहन में बिठाकर वैक्सीन लगाना न तो सुरक्षा के लिहाज से और न ही पर्यावरण के लिहाज से उचित है। इससे व्यक्ति की सुरक्षा और पर्यावरण दोनों का नुकसान है। घंटों लोगों को तपती धूप में खड़े रहना पड़ सकता है, जो गर्मी के मौसम में ठीक नहीं है।
प्रशासन का तर्क- केंद्रों में आराम से लग रहा है टीका तो क्यों करें दिखावा
यूटी प्रशासन के स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि पंचकूला और मोहाली में वैक्सीनेशन ऑन व्हील कार्यक्रम चला है, लेकिन चंडीगढ़ में इसे लागू करने को लेकर कोई योजना नहीं है। शहर के विभिन्न केंद्रों में बेहतर और सुरक्षित तरीके से टीकाकरण अभियान चल रहा है।
वहीं, एक अन्य अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वैक्सीनेशन ऑन व्हील दिखावे के अलावा कुछ नहीं है। इसमें कई खतरे हैं, जिसे नजरअंदाज किया जा रहा है। चंडीगढ़ में 60 से ज्यादा टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। यहां भीड़ भी नहीं होती है। आराम से लोग पहुंचते हैं और टीका लगवाकर लौट जाते हैं। पांच मिनट से लेकर महज 15 मिनट के भीतर यह सब कुछ हो रहा है। मोहाली व पंचकूला में कार में टीकाकरण किया जा रहा है, ये उनका तरीका हो सकता है लेकिन चंडीगढ़ में जब सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा है तो उस तरीके को क्यों बदला जाए।