पंजाब सरकार ने गुरुवार को फैसला लिया कि जून माह में प्रत्येक शनिवार, रविवार और सार्वजनिक छुट्टी वाले दिनों में लॉकडाउन रहेगा। लोगों के निकलने पर पाबंदी रहेगी। पंजाब के इस आदेश पर चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में फिलहाल ऐसी सख्ती बरतने की कोई योजना नहीं है।
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि पंजाब सरकार के फैसले से खास फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि यह वायरस हफ्ते के सातों दिन हो सकता है, सिर्फ शनिवार और रविवार को ही नहीं होगा। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन ऐसे आदेश नहीं जारी करेगा। हालांकि, प्रशासन के अधिकारियों ने माना कि अगले दो महीने के अंदर कोरोना संक्रमण तेजी से फैलेगा।
डब्ल्यूएचओ ने भी माना, बुजुर्गों को कोविड से ज्यादा खतरा
कोरोना वायरस का सबसे अधिक असर बुजुर्गों पर होता है। इसका सबसे बड़ा कारण बुजुर्गों का इम्यून बेहद कमजोर होना है, जिसकी तसदीक विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट भी करती है। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, कोविड-19 से 73 प्रतिशत उन लोगों की मौत होती है, जिन्हें पहले से किसी न किसी तरह की अन्य बीमारी रही है।
बुजुर्गों में शुगर, बीपी या क्रोनिक किडनी या फेफड़ों की बीमारी अधिक होती है। इन बीमारियों की वजह से इस उम्र के लोगों पर कोरोना वायरस काफी खतरनाक असर दिखा रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन ने अनलॉक 1.0 में भी बुजुर्गों को घर में रहने की सलाह दी है। इसके साथ ही हाथों को बार-बार वॉश करने और मास्क का इस्तेमाल करने के लिए भी कहा है।
कोरोना वायरस का ज्यादा खतरा बुजुर्ग और अन्य बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों को है। इसे केंद्र सरकार ने भी माना है। कैबिनेट सेक्रेटरी ने निर्देश दिए हैं कि शहर के बुजुर्गों पर फोकस किया जाए और उनकी जांच की जाए। - मनोज परिदा, एडवाइजर