कोरोना काल में लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर मनमाना किराया वसूल रहे एंबुलेंस चालकों पर अब प्रशासन ने नकेल कस दी है। सोमवार को डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने शहर, ट्राइसिटी व अन्य राज्यों के लिए एंबुलेंस का किराया तय कर दिया है। प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के लिए बाहर से एंबुलेंस उधार पर लेने के लिए भी रोजाना के दाम तय कर दिए हैं।
आदेश के अनुसार ज्यादा किराया वसूलने वाले एंबुलेंस चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस तरह का मामला मिलने पर एंबुलेंस सीज की जाएगी। साथ ही चालक का लाइसेंस, गाड़ी की आरसी भी रद्द की जाएगी। प्रशासन ने सख्त लहजे में कहा है कि अगर किसी चालक ने तय दाम से ज्यादा वसूले और प्रशासन को इसकी शिकायत मिली तो उपरोक्त कार्रवाई के अलावा उस पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
- एंबुलेंस कैटेगिरी 24 घंटे के लिए तय दाम
- (स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड ड्यूटी के लिए उधार लेना)
- बिना ऑक्सीजन 2000 रुपये
- आक्सीजन सुविधा के साथ 2500 रुपये
- वेंटिलेटर के साथ 3000 रुपये
ट्राइसिटी में प्रति किलोमीटर दाम
- बिना ऑक्सीजन 20 किलोमीटर तक प्रति ट्रिप 250 रुपये। उसके बाद 10 रुपये प्रति किलोमीटर
- ऑक्सीजन सुविधा के साथ 20 किलोमीटर तक प्रति ट्रिप 300 रुपये। उसके बाद 12 रुपये प्रति किलोमीटर
- वेंटिलेटर के साथ 20 किलोमीटर तक प्रति ट्रिप 400 रुपये। उसके बाद 15 रुपये प्रति किलोमीटर
- आधे घंटे बाद वेटिंग चार्ज 100 रुपये प्रति घंटा
प्रति किलोमीटर बाहरी राज्यों के लिए दाम
- मैदानी इलाका
- बिना ऑक्सीजन 10 रुपये प्रति किलोमीटर
- ऑक्सीजन सुविधा के साथ 12 रुपये प्रति किलोमीटर
- वेंटिलेटर के साथ 15 रुपये प्रति किलोमीटर
पहाड़ी इलाका
- बिना ऑक्सीजन 11 रुपये प्रति किलोमीटर
- ऑक्सीजन सुविधा के साथ 13 रुपये प्रति किलोमीटर
- वेंटिलेटर के साथ 16 रुपये प्रति किलोमीटर