चंडीगढ़ में कोरोना के सक्रिय मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका एक कारण यह भी है कि प्रशासन ने पिछले एक हफ्ते से कोरोना की टेस्टिंग की संख्या को लगभग तीन गुना तक बढ़ा दिया है। पहले जहां शहर में रोजाना 80 से 90 सैंपल लिए जा रहे थे, वहीं अब 250 के करीब सैंपल लिए जा रहे हैं।
इससे आने वाले दिनों में भी कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या बढ़ना तय है। प्रशासन ने भले ही टेस्टिंग की संख्या बढ़ा दी है, लेकिन अभी भी चंडीगढ़ अपनी क्षमता से काफी कम कोरोना मरीजों की जांच कर रहा है। चंडीगढ़ के पीजीआई, जीएमसीएच-32 और प्राइवेट लैब की क्षमता रोजाना 800 से 1000 सैंपल जांच की है।
चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि वह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की गाइडलाइन के तहत काम कर रहे हैं और उसी के हिसाब से सैंपल लिए जा रहे हैं। चंडीगढ़ में अप्रैल और मई में सैंपल की संख्या में इजाफा हुआ था, लेकिन मई के आखिर और जून में सैंपल की संख्या कम होती गई।
एक जून को मात्र 31 सैंपल लिए गए थे। जून महीने के पहले 16 दिनों में सिर्फ 1299 सैंपल ही लिए थे। औसतन रोजाना 81 सैंपल हैं, लेकिन अब जाकर इसकी संख्या को बढ़ाया गया है, इसलिए बीते एक हफ्ते से कोरोना के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।
देशभर में कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसा नहीं है कि सिर्फ चंडीगढ़ में मामले बढ़े हैं। इसका एक कारण यह भी है कि कोरोना वायरस के सैंपलों की संख्या को काफी बढ़ा दिया है। हालांकि, चंडीगढ़ में कोरोना से मरने वालों की दर काफी कम है और रिकवरी रेट कई राज्यों व यूटी से ज्यादा है।
- मनोज परिदा, एडवाइजर