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पार्किंग पॉलिसी: चंडीगढ़ की आबादी 12 लाख, आपत्ति और सुझाव दिए सिर्फ 144 ने

Thu, 01 Mar 2018 12:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा सिटीजन पार्किंग पॉलिसी को लेकर तैयार किए ड्राफ्ट पर अब तक महज 144 लोगों ने ही सुझाव व आपत्तियां दर्ज कराई हैं। जबकि शहर की आबाद करीब 12 लाख की है। प्रशासन ने चंडीगढ़ नगर निगम से भी पॉर्किंग पॉलिसी पर सुझाव मांगे थे। निगम सदन बैठक में पार्किंग पॉलिसी के मुद्दे को एजेंडा में भी शामिल किया गया था लेकिन बैठक में एजेंडे को स्थगित कर दिया गया और चर्चा नहीं हुई।
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शहर की तमाम रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन, ट्रेडर्स एसोसिएशन और उद्योगपतियों द्वारा पार्किंग पॉलिसी को लेकर भेजे गए आपत्तियों और सुझाव को उनकी कैटेगिरी के अनुसार वर्गीकृत किया जाएगा। 5 मार्च को सेक्रेटरी ट्रांसपोर्ट की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इन आपत्तियों व सुझावों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की जाएगी।

सिटीजन पार्किंग पॉलिसी को लेकर भेजी गई आपत्तियों में ज्यादातर लोगों ने दूसरी गाड़ी खरीदने पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स देने की शर्त का पूरजोर तरीके से विरोध किया है। यूटी प्रशासन के अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट ने रेजिडेंट्स पार्किंग पॉलिसी को लेकर जो ड्राफ्ट तैयार किया है, उसमें यह क्लॉज शामिल किया गया है। शहर के रिहायशी जगहों पर पार्किंग की समस्या से निपटने के लिए यह पॉलिसी तैयार की जा रही है।
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अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट ने इससे पहले 15 जनवरी तक लोगों से पार्किंग पॉलिसी के ड्राफ्ट पर सुझाव मांगे थे। उस समय केवल 80 के करीब लोगों ने ही अपने सुझाव व आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इसके बाद प्रशासन ने पार्किंग पॉलिसी ड्राफ्ट को लेकर ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित किए जाने के लिए 28 फरवरी तक समय बढ़ा दिया था ताकि पार्किंग पॉलिसी पर ज्यादा से ज्यादा लोग सुझाव व आपत्तियां दर्ज करा सकें।

शहर में बढ़ते ट्रैफिक कंजेशन व पार्किंग की समस्या को देखते हुए यूटी प्रशासन ने पार्किंग पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया है ताकि शहर में बढ़ती गाड़ियों की संख्या पर लगाम लगाया जा सके। पार्किंग पॉलिसी के ड्राफ्ट के मुताबिक शहर के लोगों को 10 लाख रुपये से ऊपर दूसरी कार खरीदने पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स देना पड़ेगा।

अभी शहर में 6 प्रतिशत रोड टैक्स दिया जाता है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी में यह नियम बनाया गया है कि जिस भी कंपनी में 50 से ऊपर इंप्लाइज होंगे, उस कंपनी या इंडस्ट्री को अपने इंप्लाइज के लिए स्टाफ बस रखना अनिवार्य होगा। नहीं तो कंपनी पर चालान या जुर्माना हो सकता है। वहीं, सड़क किनारे गलत ढंग से गाड़ी पार्क करने पर 1 हजार रुपये प्रतिदिन का चालान होगा।

पंजाब-हरियाणा की गाड़ियां छोड़, 50 प्रतिशत ज्यादा पार्किंग फीस

पार्किंग - फोटो : डेमो इमेज
पार्किंग पॉलिसी ड्राफ्ट के मुताबिक चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा में रजिस्टर्ड वाहनों को छोड़कर अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों को पार्किंग के लिए 50 प्रतिशत अधिक पार्किंग फीस देनी होगी। इसके अलावा जिन घरों में पार्किंग की पर्याप्त जगह हैं, उन्हें प्रापर्टी टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

गाड़ी खरीदते समय देना होगा पार्किंग स्पेस सर्टिफिकेट
गाड़ी खरीदते समय अब लोगों को पार्किंग स्पेस सर्टिफिके ट देना होगा। गाड़ी के  पंजीकरण के वक्त यह सर्टिफिकेट देना जरूरी होगा कि इस गाड़ी को आप कहां खड़ा करेंगे, आपके पास इसको खड़ा करने के लिए जगह है या नहीं। अगर आपके पास गाड़ी पार्क करने की जगह नहीं होगी, तो आप अपनी गाड़ी की रजिस्ट्रेशन नहीं करा सकेंगे।

एक कनाल या उससे ऊपर के प्लॉट के बाहर गाड़ी पार्क करने पर जुर्माना
पार्किंग पॉलिसी के ड्राफ्ट के मुताबिक शहर में  एक कनाल या उससे ऊपर के प्लाट के बाहर सड़क पर या सड़क के किनारे गाड़ी पार्क करने पर पूरी तरह पाबंदी होगी। ऐसे करने पर वाहन जब्त कर चालान करने का प्रावधान होगा।

पार्किंग पॉलिसी ड्राफ्ट में पार्किंग फीस स्ट्रक्चर
यूटी प्रशासन ने पार्किंग पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर दिया है। पॉलिसी की मंजूरी के बाद इसे लागू करने का जिम्मा नगर निगम का होगा। एक बार पार्किंग फीस तय होने के बाद दो साल तक फीस रिवाइज नहीं की जा सकेगी। दो साल के बाद नगर निगम चाहें तो पार्किंग फीस के स्ट्रक्चर में प्रशासन के टेक्निकल एक्सपर्ट की मंजूरी के बाद बदलाव कर सकता है। पार्किंग पॉलिसी ड्राफ्ट में बाकायदा इसके लिए फार्मूला तैयार किया गया है।
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पार्किंग पॉलिसी ड्राफ्ट के मुख्य बिंदु

ड्राइविंग टेस्ट: 43 प्रतिशत शहरवासी पार्किंग में फेल
1. पॉलिसी लागू होने के बाद वाहन मालिकों को तीन महीने के अंदर यह एफिडेविट देना होगा कि वे पॉलिसी के नियमों का पालन करेंगे।

2. घर में पहले से अगर गाड़ी है और आप दूसरी गाड़ी खरीद रहे हैं, जिसकी कीमत 10 लाख रुपये से ऊपर है तो आपको गाड़ी की 50 प्रतिशत कीमत रोड टैक्स देनी होगी।

3. चंडीगढ़ में गाड़ी खरीदने, चलाने और रजिस्टर कराने के लिए सर्टिफिकेट ऑफ एंटाइटलमेंट देना होगा जोकि 10 साल के लिए वैलिड होगा। गाड़ियों की डिमांड बढ़ने पर सर्टिफिकेट ऑफ एंटाइटलमेंट की कीमत भी बढ़ेगी। अगर पॉलिसी अप्रूव होती है तो यह नियम 1 जनवरी 2018 से लागू से लागू होंगे।

4. जिन लोगों के पास गाड़ी नहीं है और उनके घर में पार्किंग एरिया है, वह अपने पार्किंग एरिया को किराए पर देकर कमाई कर सकते हैं।

5. पंजाब और हरियाणा को छोड़कर दूसरे राज्यों से गाड़ियां आती हैं तो उनसे 50 प्रतिशत ज्यादा पार्किंग फीस वसूली जाए।

6. शहर के सभी स्कूल, कॉलेज, सरकारी व प्राइवेट संस्थानों को  पिकअप और ड्रॉप ऑफ जोन डिक्लेयर करने होंगे। जहां पर स्कूल के बच्चों को छोड़ा जाएगा और वहां से ले जाया जाएगा। 21 जनवरी 2015 को प्रशासन की ओर से नियम जारी किए गए थे, उन नियमों का शहर के  सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य संस्थानों को पालन करना होगा।
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