उपायुक्त ने दिए सुरक्षा व्यवस्था की जांच के आदेश
जिला दंडाधिकारी आईएएस विनय प्रताप सिंह ने कहा कि है कि ऐसी कंपनियों, संगठनों या नियोक्ताओं पर कुछ जांच आवश्यक है जो अपने कर्मचारियों को देर रात तक पिक एंड ड्रॉप की सुविधा प्रदान करते हैं। ट्रांसपोर्टर, सुरक्षा एजेंसियां, गार्ड और चालकों का रिकॉर्ड जांचने की जरूरत है ताकि कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके, विशेष रूप से देर रात तक काम करने वाली महिला कर्मचारियों की।
उपायुक्त ने सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निहित शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए निर्देश दिया है कि ऐसे सभी संगठन जैसे बीपीओ, कॉल सेंटर, कॉरपोरेट घराने, मीडिया हाउस, कंपनियां, फर्म और अन्य समान संस्थाएं, जिनके पास अपने कर्मचारियों और ट्रांसपोर्टरों, सुरक्षा एजेंसियों, ड्राइवरों और सुरक्षा गार्डों के लिए चंडीगढ़ के अधिकार क्षेत्र में आने-जाने की सुविधा है, उनके निरीक्षण की व्यवस्था की जाए। इस आदेश के किसी भी प्रकार से उल्लंघन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 13 मई को शून्यकाल से 11 जुलाई 2023 तक प्रभावी रहेगा।